
जानिए कब है नहाय-खाय, खरना और सूर्य को अर्घ्य देने की तारीख
नई दिल्ली । देश में बिहार, झारखंड व पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ छठ पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल छठ पर्व 8 नवंबर से शुरू होकर 11 नवंबर तक चलेगा। छठ पर्व की शुरुआत नहाय खाय से होती है, दूसरे दिन खरना होता है, तीसरे दिन छठ पर्व का प्रसाद तैयार होता है व स्नान करके डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पर्व के चौथे और आखिरी दिन उगते हुए सूर्य की आराधना की जाती है। इस तरह छठ पर्व चार दिन तक चलता है।
नहाय खाय - छठ पर्व का पहला दिन नहाय खाय होता है, इस वर्ष नहाय खाय ०८ नवंबर को होगा। इस दिन छठ पूजा/व्रत करने वाले परिवार लोग घर को साफ, पवित्र करके पूजा सामग्री एक स्थान पर रखते हैं। इस दिन सभी लोग सात्विक आहार लेते हैं।
खरना - छठ पूजा का दूसरा दिन खरना होता है। इसे लोहंडा भी कहते हैं। खरना इस वर्ष ०९ नवंबर को है। खरना वाले दिन पूरे दिन व्रत रखा जाता है और रात में गुड की खीर खाकर अगले 36 घंटे तक व्रत रखा जाता है। खरना के दिन ही छठ पूजा का प्रसाद तैयार किया जाता है।
छठ पूजा- छठ पर्व के तीसरे दिन 10 नवंबर को छठी मैया और सूर्य देव की पूजा होगी। छठ पूजा के दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
छठ पर्व का समापन - छठ पर्व का समापन इस साल ११ नवंबर को होगा । इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हो जाता है। 36 घंटे का कठिन व्रत पारण के बाद पूर्ण किया जाता है।
Updated on:
6 Nov 2021, 10:08 AM IST
Published on:
3 Nov 2021, 2:33 PM IST
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