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Viral Video: क्रिसमस से पहले सस्ती हुईं गोवा की फ्लाइट्स! पहाड़ों पर ‘जाम’ देख बदला घूमने का ट्रेंड

Christmas vacation 2025:​क्रिसमस और न्यू ईयर में अभी समय है, लेकिन लोग अभी से फेस्टिव मूड में हैं। पहाड़ों पर ट्रैफ़िक जाम देख कर लोग सैर सपाटा करने के लिए दूसरी जगह जा रहे हैं।

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भारत

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MI Zahir

Dec 17, 2025

Goa flight rates December

गोआ बीच पर सैर-सपाटे के लिए पहुंचे सैलानी। ( फोटो : AI Generated)

Goa flight rates December: क्रिसमस और न्यू ईयर (New Year 2026) के जश्न की तैयारियों के बीच इस साल एक अजीबोगरीब ट्रेवल ट्रेंड नजर आ रहा है। आमतौर पर दिसंबर के आखिरी हफ्ते में आसमान छूने वाले हवाई किराये में इस बार थोड़ी कमी देखी जा रही है। विशेष रूप से दिल्ली और मुंबई से गोवा (Goa) जाने वाली फ्लाइट्स के किराये (Goa flight rates December) में पिछले सालों की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश (Overtourism in Himachal Pradesh) और उत्तराखंड के पहाड़ पर्यटकों की गाड़ियों से पटे पड़े हैं। रोहतांग दर्रे का वायरल वीडियो (Rohtang Pass viral video), जिसमें गाड़ियां रेंगती हुई नजर आ रही हैं, इस बात का सुबूत है कि पहाड़ों पर 'अति-पर्यटन' (Overtourism) की स्थिति बन गई है। ऐसे में स्मार्ट ट्रैवलर्स ने अब अपनी दिशा बदल ली है।

पहाड़ों पर जाम, तो आसमान में राहत ?

ट्रैवल इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस बार उत्तर भारत में प्रदूषण (AQI) के डर से लोगों ने फ्लाइट के बजाय अपनी गाड़ियों से पहाड़ों (Driveable Getaways) का रुख किया है। एक साथ लाखों लोगों के पहाड़ों पर पहुंचने से वहां ट्रैफिक जाम लग गया है। वहीं, फ्लाइट्स की डिमांड में आए इस मामूली 'शिफ्ट' के कारण एयरलाइंस ने लास्ट मिनट बुकिंग्स को आकर्षित करने के लिए किराये कम रखे हैं या बढ़ाए नहीं हैं।

विमान किराया दर: गोवा जाने का सही मौका

प्रमुख ट्रैवल पोर्टल्स (जैसे MakeMyTrip, Ixigo और Skyscanner) के आंकड़ों के अनुसार, क्रिसमस (25 दिसंबर) से ठीक पहले की तारीखों के लिए दिल्ली और मुंबई से गोवा का एक तरफ का किराया (One-way Fare) उम्मीद से कम है। जहां पिछले साल यह किराया 12,000 से 15,000 रुपये के पार था, वहीं इस साल यह 6,000 से 9,000 रुपये के बीच दिख रहा है।

वेकेशंस के लिए कहां जाना है बेस्ट?

अगर आप ट्रैफिक जाम में फंस कर अपना क्रिसमस खराब नहीं करना चाहते, तो इस समय पहाड़ों (मनाली, शिमला और नैनीताल) से बचना ही समझदारी है। इसके बजाय आप इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं:

दक्षिण गोवा (South Goa): अगर आपको शांति चाहिए, तो उत्तरी गोवा की भीड़भाड़ छोड़कर दक्षिण गोवा के पलोलेम या बेनौलिम बीच जाएं। सस्ती फ्लाइट्स का फायदा उठाएं।

कच्छ का रण (गुजरात): दिसंबर में यहां का 'रण उत्सव' अपने शबाब पर होता है। यह एक बेहतरीन ऑफबीट डेस्टिनेशन है।

केरल (Kerala): मुन्नार और वर्कला में मौसम सुहावना है और यहां उत्तर भारत जैसी भीड़ भी नहीं है।

राजस्थान (जैसलमेर/उदयपुर): सर्दी की धूप और शाही मेहमान नवाजी के लिए राजस्थान सदाबहार विकल्प है।

एयरवेज के अनुसार गोवा की बुकिंग

विमानन कंपनियों (Airlines) और ट्रेवल पोर्टल्स के ताजा रुझानों के अनुसार:

बुकिंग में वृद्धि: पिछले साल की तुलना में इस दिसंबर में गोवा की फ्लाइट बुकिंग में लगभग 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, यह राजस्थान (35%) और केरल की तुलना में कम है।

सस्ती होने की वजह: बुकिंग बढ़ी तो है, लेकिन यह एयरलाइंस की उम्मीद से कम है। साथ ही, नए 'मोपा एयरपोर्ट' (Manohar International Airport) के शुरू होने से फ्लाइट्स की संख्या बढ़ गई है। 'सप्लाई ज्यादा और डिमांड सामान्य' होने के कारण फ्लाइट्स सस्ती मिल रही हैं।

रुझान: पर्यटक अब 'लास्ट मिनट बुकिंग' (यात्रा से कुछ दिन पहले टिकट लेना) ज्यादा पसंद कर रहे हैं, इसलिए एयरलाइंस दाम कम रख कर सीटें भरने की कोशिश कर रही हैं।

गोवा पर्यटन विभाग के अनुसार अब तक कितने पर्यटक पहुंचे

गोवा के पर्यटन मंत्री रोहतांग खौंटे (Rohan Khaunte) और विभाग की ओर से जारी किए गए हालिया आंकड़ों के मुताबिक:

कुल पर्यटक (जनवरी-सितंबर 2025): इस साल के पहले 9 महीनों में ही करीब 76.32 लाख (7.6 मिलियन) पर्यटक गोवा आ चुके हैं।

घरेलू पर्यटक: 72.96 लाख

विदेशी पर्यटक: 3.36 लाख

पर्यटक विकास दर (Growth): पिछले साल के मुकाबले पर्यटकों की संख्या में कुल 6.2% की बढ़ोतरी हुई है।

दिसंबर का अनुमान: विभाग का मानना है कि क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि होटलों की ऑक्यूपेंसी (Occupancy) 70-80% के आसपास चल रही है।

टूरिज्म का पैसा वसूल सौदा

बहरहाल, सोशल मीडिया पर 'गोवा खाली है' जैसी खबरें पूरी तरह सच नहीं हैं। पर्यटक वहां पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी रफ़्तार पिछले सालों जैसी 'पागलपन भरी' नहीं है, जो कि समझदार सैलानियों के लिए एक अच्छा संकेत है। वायरल वीडियो ने पर्यटकों को आगाह कर दिया है। 'भेड़चाल' का हिस्सा बनने के बजाय, समझदारी इसी में है कि उन जगहों का चुनाव करें, जहां पहुंचना आसान हो। अगर बजट अनुमति देता है, तो इस बार पहाड़ों के बजाय समुद्र किनारे (Beach) या रेगिस्तान का रुख करना 'पैसा वसूल' सौदा साबित हो सकता है।

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