
अनुराग मिश्रा। हैदराबाद। आज के डिजिटल युग में CISF ने रोबोटिक्स, आर्टिफिश्यिल इंटेलीजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षा प्रोटोकॉल को ना केवल लैस किया है बल्कि इसे अभेद्य भी बनाया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय भी आने वाले दिनों में बंदरगाहों, एयरपोर्ट और औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को अडॉप्ट करके चुनौतियों का सामना करने के लिए सीआईएसएफ को सभी तकनीकों से सुसज्जित करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा।
अमित शाह ने कहा कि सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश के सीएपीएफ कर्मियों के लिए कई कदम उठाए हैं, आयुष्मान CAPF योजना के तहत लगभग 35 लाख से अधिक आयुष्मान सीएपीएफ कार्ड वितरित किए गए हैं, 2024 में आवास संतुष्टि अनुपात 73% हो जाएगा, जो आज़ादी के बाद सबसे अधिक होगा।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि देश के औद्योगिक संस्थानों, एयरपोर्ट, बंदरगाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करके 53 वर्षों से CISF का देश की आर्थिक प्रगति में बहुत अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तभी प्रगति कर सकता है जब इसके औद्योगिक संस्थानों, एयरपोर्ट, बंदरगाहों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि सीआईएसएफ आने वाले समय की सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करके राष्ट्र सेवा करता रहेगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 1969 में लगभग 3000 की संख्या वाला ये बल 53 साल में आज 1,70,000 की नफरी तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में इस बल के लिए विकास के कई मौके उपलब्ध होने वाले हैं। आज के डिजिटल युग में इस बल ने अपने हितधारकों को अत्याधुनिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की परंपरा निभाई है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जिस देश के एयरपोर्ट और बंदरगाह सुरक्षित नहीं होते, वो देश कभी सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने कई चुनौतियां हैं, जैसे, जाली नोटों का व्यापार, घुसपैठ और नारकोटिक्स, और इनका सामना करने के लिए CISF ने एक उज्ज्वल इतिहास के साथ देश को सुरक्षा प्रदान की है।
Updated on:
12 Mar 2023 11:11 pm
Published on:
12 Mar 2023 11:07 pm

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