
अभिजीत दीपके ( फोटो- Abhijeet Dipke एक्स पोस्ट)
CJP Delhi Protest: अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज दिल्ली के जंतर मंतर पर अपना दूसरा बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन से पहले पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने चलो दिल्ली का नारा देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को और तेज कर दिया है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लोगों से दिल्ली आने की अपली की। यह प्रदर्शन दोपहर 1 बजे शुरू होगा और इसमें भारी संख्या में छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुचेंगे।
अभिजीत ने अपने एक्स अकाउंट पर फ्लाइट की खिड़की का फोटो शेयर करते हुए लिखा, चलो दिल्ली! धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। इसके साथ ही एक दूसरे पोस्ट में दीपके ने समर्थकों से थाली और चम्मच लेकर आने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जो भी कॉकरोच कल जंतर मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं, वे अपने साथ एक थाली और एक चम्मच जरूर लेकर आएं। बाकी कहानी आप जानते हैं।
दीपके की इस अपील को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोविड काल की उस अपील से जोड़कर देखा जा रहा है, जब मार्च 2020 में लोगों से कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स के समर्थन में घरों की बालकनी में खड़े होकर ताली और बर्तन बजाने को कहा गया था। हालांकि दीपके ने सीधे तौर पर इसका उल्लेख नहीं किया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सरकार पर व्यंग्यात्मक हमला माना जा रहा है।
कॉकरोच पार्टी के संस्थापकों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि वह जंतर मंतर में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, देश की रक्षा कौन करेगा, अगर हम नहीं तो कौन, अगर अब नहीं तो कब। बता दें कि इससे पहले सोनम 6 जून को हुए CJP के पहले प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। ऐसे में इस बार का प्रदर्शन और अधिक चर्चित और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने हाल के सप्ताहों में 11 छात्रों की आत्महत्या का जिक्र करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था का गंभीर संकट बताया। उन्होंने मांग की कि जिन छात्रों ने परीक्षा विवादों के बीच आत्महत्या की है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। पत्र में दीपके ने लिखा कि मैं भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूं ताकि देश के युवाओं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ते संकट की ओर आपका ध्यान आकर्षित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मौतों के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए।
Published on:
20 Jun 2026 11:10 am
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