
विवेक अग्रवाल , IAS (फोटो- @MinOfCultureGoI)
वैश्विक स्तर पर भारत को बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक कामयाबी मिली है। भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था 'फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स' का उपाध्यक्ष चुना गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने X पर पोस्ट लिखकर कहा, 'भारत के लिए बड़ी जीत। भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का उपाध्यक्ष चुना गया है। मंत्रालय ने आगे बताया कि अग्रवाल की नियुक्ति टेरर फंडिंग और गैर-कानूनी वित्तीय नेटवर्क से निपटने के वैश्विक प्रयासों में भारत की बढ़ती भूमिका को बताती है।'
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत शुरू से आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता रहा है, इसलिए यह नेतृत्व की भूमिका वैश्विक टेरर फंडिंग नेटवर्क से निपटने और गैर कानूनी वित्तीय प्रणालियों को खत्म करने की पहल को मजबूत करती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि विवेक अग्रवाल FATF में भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर चुके हैं। उनके पास FIU-IND के पूर्व निदेशक के तौर पर व्यापक अनुभव है। संस्था के उपाध्यक्ष के रूप में वह FATF के वित्तीय अखंडता सुनिश्चित करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे।
विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं। वह अभी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में सचिव के तौर पर कार्यरत हैं। उनके पास तीन दशकों का लंबा प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों में वित्त, कृषि, शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक पॉलिसी जैसे क्षेत्रों में कई अहम पदों पर काम किया है। अप्रैल 2025 में संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले, अग्रवाल ने वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम किया।
जहां उन्होंने FIU-IND का नेतृत्व किया। साथ ही, FATF में भारत के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। इस दौरान उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग रोकने, आर्थिक सुरक्षा, GST और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस से जुड़े मामलों को संभाला। उन्होंने कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है। जहां उन्होंने PM-किसान, डिजिटल एग्रीकल्चर और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी प्रमुख योजनाओं का नेतृत्व किया।
विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह नियुक्ति भारत की सामूहिक कोशिशों और मनी लॉन्ड्रिंग व टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के मजबूत सिस्टम की पहचान है। उन्होंने इसे सम्मान की बात बताते हुए कहा कि FATF ग्लोबल नेटवर्क के साथ मिलकर इंटरनेशनल फ़ाइनेंशियल सिस्टम को सुरक्षित, समावेशी और मजबूत बनाए रखने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हूं।
FATF एक अंतर-सरकारी संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली के लिए खतरों से निपटने के लिए नीतियां और मानक बनाती है। 1989 में G7 शिखर सम्मेलन में इसकी स्थापना की गई थी। वर्तमान में 39 सदस्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के साथ FATF 200 से अधिक देशों पर नजर रखता है। भारत सहित कई देश इसकी सिफारिशों को लागू करने में सक्रिय हैं।
Published on:
20 Jun 2026 07:16 am
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