
मणिपुर में नीट एग्जाम सेंटर तक पहुंचना छात्रों के लिए चुनौती (प्रतीकात्मक तस्वीर)
NEET re-exam: मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष के बीच NEET री-टेस्ट देने जा रहे छात्रों के सामने अब केवल परीक्षा ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। राज्य के कई हिस्सों में तनाव, सड़क अवरोध और समुदायों के बीच बढ़ते तनाव ने छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। 21 जून को होने वाले NEET री-टेस्ट से पहले कई छात्रों को सुरक्षा बलों की निगरानी में रात के अंधेरे में यात्रा करनी पड़ी। परीक्षा से पहले ही मानसिक दबाव झेल रहे अभ्यर्थियों के लिए यह पूरी स्थिति बेहद थकाने वाली साबित हो रही है।
मणिपुर के कांगपोकपी जिले की 19 वर्षीय छात्रा को अपने परीक्षा केंद्र चुराचांदपुर पहुंचने के लिए सुरक्षा काफिले के साथ यात्रा करनी पड़ी। वह मंगलवार रात करीब 20 अन्य छात्रों के साथ इंफाल घाटी से होकर गुजरी। मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद यह पहली बार था जब उसने इंफाल घाटी में प्रवेश किया। छात्रा ने बताया कि पूरी यात्रा बेहद डरावनी थी और हर पल किसी हमले की आशंका महसूस हो रही थी। उसने कहा कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा तैयारी करने की प्रक्रिया ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थका दिया है। अब वह किसी तरह खुद को संभालने की कोशिश कर रही है।
राज्य में अब संघर्ष केवल मैतेई और कुकी-जो समुदायों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नागा और कुकी-जो समुदायों के बीच भी तनाव बढ़ा है। इससे कई सड़कें और हाईवे अलग-अलग समुदायों के लोगों के लिए असुरक्षित माने जा रहे हैं। मणिपुर में NEET केंद्र इंफाल, चुराचांदपुर और चंदेल में बनाए गए हैं, जबकि कुछ छात्रों को पड़ोसी राज्यों और गुवाहाटी में भी केंद्र मिले हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों ने कई जिलों में छात्रों और अभिभावकों के लिए विशेष सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा अवधि के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग नियंत्रण तंत्र बनाया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सेनापति जिले की 21 वर्षीय छात्रा, जिसका परीक्षा केंद्र इंफाल में है, अब अपनी यात्रा व्यवस्था का इंतजार कर रही है। उसने कहा कि जब छात्र संगठन ने सैन्य सुरक्षा के साथ यात्रा की जानकारी दी तो उसका डर और बढ़ गया। छात्रा ने कहा, क्या होगा अगर रास्ते में एंबुश या बम हमला हो जाए। उसने बताया कि परीक्षा पेपर लीक और रद्द होने के बाद उसका आत्मविश्वास पहले ही कमजोर हो चुका है। छात्र संगठनों के अनुसार, केवल सेनापति जिले से ही 80 से ज्यादा छात्र इस यात्रा को लेकर संपर्क में हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, 3 मई की NEET परीक्षा में मणिपुर से 9,285 छात्रों ने हिस्सा लिया था।
Updated on:
20 Jun 2026 04:25 pm
Published on:
20 Jun 2026 12:09 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
