20 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीएम मोदी 21 जून को भारतीय नौसेना को सौंपेंगे तीन स्वदेशी युद्धपोत, जानें इनकी खासियत

Indian Navy: दूनागिरी, संशोधक और अग्रय को भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा तैयार किया गया है। ये तीनों युद्धपोत समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वे और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में अहम भूमिका निभाएंगे।

2 min read
Google source verification
indian navy commission three indigenous naval platforms june 21.

भारतीय नौसेना तीन युद्धपोतों दूनागिरी, संशोधक और अग्रय को कमीशन करने के लिए तैयार है। (Photo- PIB)

IndianNaval Ships: पीएम मोदी 20-21 जून को पश्चिम बंगाल दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान वे कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर 21 जून की सुबह लगभग 9:15 बजे देश में डिजाइन और निर्मित तीन युद्ध पोत 'दूनागिरी, संशोधक और अग्रय' को नौसेना में शामिल करेंगे। इस मौके पर वे लोगों को संबोधित भी करेंगे। भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) की ओर से बनाए गए ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वे और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में अहम भूमिका निभाएंगे। ये तीनों युद्ध पोत आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, क्योंकि इन्हें स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है। ऐसे में आइए इन युद्धपोतों की खासियत जानते हैं।

INS दूनागिरी

INS 'दूनागिरी' प्रोजेक्ट 17A का पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट है। यह युद्धपोत आधुनिक हथियारों और सेंसर प्रणालियों से लैस है। इसमें ब्रह्मोस, सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइलें और मीडियम रेंज की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली शामिल है, जो नौसेना की युद्ध क्षमता को काफी बढ़ाती है। यह दुश्मन की नजरों से बचकर हमला करने में सक्षम है।

INS ‘संशोधक’

INS ‘संशोधक’ भारतीय नौसेना के लिए भारतीय नौसेना के लिए निर्मित एक अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत है। इसे रक्षा और असैन्य कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसे समुद्र-विज्ञान और भू-भौतिकीय डेटा इकट्ठा करने के लिए निर्मित किया है। यह पोत स्वायत्त और दूरस्थ रूप से संचालित जलमग्न वाहनों सहित अत्याधुनिक सर्वेक्षण प्रणालियों से लैस है, जोकि समुद्र के भीतर सटीक और व्यापक सर्वेक्षण करने में सक्षम हैं।

INS 'अग्रय'

INS 'अग्रय', अर्नाला-क्लास का चौथा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है। यह हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और शैलो-वॉटर सोनार सिस्टम से लैस है। यह तटीय इलाकों में पानी के नीचे के खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने में सक्षम है। भारतीय नौसेना में इस युद्ध के शामिल किए जाने के बाद हिंद महासागर और तटीय क्षेत्रों में भारत की पनडुब्बी-रोधी क्षमता और समुद्री सुरक्षा अत्यधिक मजबूत होगी। व्याकरण, वर्तनी की अशुद्धियों को दुरुस्त करें, शेष कोई परिवर्तन नहीं करें।

आपको बता दें कि ये तीनों युद्धपोत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता को दिखाते हैं। इन युद्धपोतों के निर्माण में स्वदेशी सामग्री 75 फीसदी से अधिक हैं।