
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (फोटो: AI)
Bengal elections: पश्चिम बंगाल सहित देश के पांच राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव आयोग ने कई बड़े फैसले लिए हैं। पश्चिम बंगाल में कई सीनियर IAS और IPS अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग की गई है। गृह सचिव, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस कमीश्नर बदल दिए गए हैं। चुनाव आयोग के ताबड़तोड़ एक्शन के बाद सीएम ममता ने ECI को पत्र लिखा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में उन्होंने राज्य में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले पर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों की घोषणा के तुरंत बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किए गए। तबादले बिना किसी ठोस कारण के और बिना किसी आरोप के किए गए हैं। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष अधिकारियों को विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर हटा दिया गया, जो बेहद आश्चर्यजनक और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला मनमाने तरीके से लिया गया और इसमें राज्य सरकार से अधिकारियों का पैनल भी नहीं मांगा गया, जबकि पहले चुनावों के दौरान चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच स्थापित परंपराओं का पालन किया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई सहकारी संघवाद की भावना और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के सिद्धांतों को कमजोर करती है। उन्होंने पत्र में लिखा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भारत की संघीय व्यवस्था की मूल भावना और मूल्यों को भी बनाए रखे। उन्होंने चुनाव आयोग से भविष्य में इस तरह के एकतरफा फैसले लेने से बचने का आग्रह किया और कहा कि इससे चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और संस्थागत गरिमा पर असर पड़ सकता है।
Updated on:
17 Mar 2026 07:59 am
Published on:
17 Mar 2026 07:58 am
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