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ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कर्नाटक CM ने भरा जुर्माना, इन बड़े नेताओं का भी कट चुका है चालान; LIST में एक और मुख्यमंत्री का नाम

ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वालों पर अब शिकंजा कस रहा है! कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने सीट बेल्ट न लगाने पर 2500 रुपये का जुर्माना भरा। अखिलेश यादव से लेकर देवेन्द्र फडणवीस तक, कई बड़े नेताओं के भी कट चुके हैं चालान, जानिए किन-किन नेताओं को हुआ है जुर्माना।

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भारत

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Mukul Kumar

Sep 08, 2025

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- IANS)

देश में ट्रैफिक रूल्स में तकनीक के प्रयोग से अब आम के साथ प्रभावशाली लोगों की गाडिय़ों के चालान व जुर्माना हो रहे हैं। मशीन की नजर में आम व खास का कोई भेद नहीं हैं।

हाल ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर 7 बार ट्रैफिक नियम तोडऩे का आरोप लगा है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) के कैमरों में मुख्यमंत्री के कार में बैठने पर सीट बैल्ट नहीं लगाने को लेकर 7 बार ट्रैफिक नियम तोडऩा सामने आया। इसके लिए 2500 रुपए का जुर्माना भरा गया।

कई नेताओं के कट चुके हैं चालान

देशभर में यह पहला मामला नहीं हैं जब आइटीएमएस कैमरों के जरिए जानी-मानी हस्तियों को रूल्स तोड़ते हुए दर्ज किया गया। इससे पहले महाराष्ट्र में 2018 में देवेन्द्र फडणवीस की गाड़ी का चालान ओवरस्पीड के कारण हुआ।

वर्ष 2012 में भाजपा सांसद मनोज तिवारी एक अभियान के दौरान बिना हेलमेट पहने बुलेट पर सवार होकर चले थे। नियम तोडऩे के आरोप में उनका चालान काटा गया।

हाल ही लखनऊ में सपा प्रमुख व पूर्व सीएम अखिलेश यादव की गाडिय़ों पर ओवरस्पीड के आरोप में 8 लाख का चालान भेजा गया है।

नितिन गडकरी (केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री)

2019 में, नितिन गडकरी ने स्वयं एक संसदीय सत्र में बताया था कि उनका वाहन भी ट्रैफिक नियम तोड़ने के लिए चालान का सामना कर चुका है।

उन्होंने यह उल्लेख किया था कि ट्रैफिक नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे वह कोई आम नागरिक हो या मंत्री।

यह बयान मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 पर चर्चा के दौरान आया था, जिसमें ट्रैफिक उल्लंघन के लिए सख्त जुर्माने की बात थी।

स्मृति ईरानी (पूर्व केंद्रीय मंत्री)

2017 में, मीडिया में खबरें आई थीं कि स्मृति ईरानी के काफिले की एक गाड़ी को उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियम तोड़ने के लिए चालान जारी किया गया था।

यह मामला तब चर्चा में आया जब उनके काफिले की गाड़ी ने कथित तौर पर सिग्नल तोड़ा था। हालांकि, इस मामले में ज्यादा विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए।

अन्य राजनेता और वीआईपी

कई बार नेताओं के काफिले को तेज गति (ओवरस्पीडिंग), गलत पार्किंग, या सिग्नल तोड़ने जैसे उल्लंघनों के लिए चालान का सामना करना पड़ता है।

उदाहरण के लिए, 2019 में दिल्ली में कुछ राजनेताओं के वाहनों को गलत पार्किंग या सायरन के दुरुपयोग के लिए चालान जारी किए गए थे।

हालांकि, इन मामलों में व्यक्तिगत नेताओं के नाम स्पष्ट रूप से उजागर नहीं किए जाते, क्योंकि कई बार उनके ड्राइवर या स्टाफ जिम्मेदार ठहराए जाते हैं।