
Delhi Election 2025: दिल्ली में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने घोषणा की कि पार्टी आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव पूरी तैयारी और मजबूती के साथ स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। एक्स (पूर्व में ट्विटर) सोशल मीडिया हैंडल पर बीएसपी नेता मायावती ने लिखा, "दिल्ली विधानसभा के लिए आम चुनाव 5 फरवरी 2025 को एक चरण में होंगे। इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा की गई घोषणा स्वागत योग्य है। बीएसपी पूरी तैयारी और मजबूती के साथ अपने दम पर यह चुनाव लड़ रही है। उम्मीद है कि पार्टी इस चुनाव में निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेगी।" मायावती ने लोकतंत्र को बचाए रखने में चुनावों के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज के गरीब और शोषित वर्गों के कल्याण पर पार्टी के फोकस की पुष्टि की।
उन्होंने एक्स पर लिखा, "चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ हैं और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित पार्टी के रूप में हम चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा करते हैं कि ये चुनाव सांप्रदायिकता और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग सहित अन्य नकारात्मक प्रभावों से मुक्त हों।" उन्होंने लिखा, "मतदाताओं से अपील है कि वे किसी भी पार्टी के लुभावने वादों से प्रभावित न हों और अपने वोट का इस्तेमाल समझदारी से करें और केवल बसपा पार्टी के उन उम्मीदवारों को वोट दें जो जनहित और जनकल्याण के लिए समर्पित हैं। यहीं पर जनता और राष्ट्रहित निहित है और सुरक्षित है।" इससे पहले मंगलवार को बसपा के पूर्व नेता मदन मोहन अपनी पत्नी सुदेशवती के साथ आप सांसद संजय सिंह की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हुए। 1 जनवरी को बसपा की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी भी आप में शामिल हुए।
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव 5 फरवरी को एक ही चरण में होंगे, जबकि वोटों की गिनती 8 फरवरी को होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 जनवरी है। नामांकन की जांच की तारीख 18 जनवरी है। जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 20 जनवरी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आप नेताओं पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाया है, जबकि लगातार चौथी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही आप शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
नई दिल्ली सीट की दौड़ में, भाजपा ने अरविंद केजरीवाल को चुनौती देने के लिए पूर्व सांसद और दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे परवेश वर्मा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने भी इसी सीट से दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा है। भाजपा ने कालकाजी सीट पर दिल्ली की सीएम आतिशी के खिलाफ पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक अलका लांबा को मैदान में उतारा है। दिल्ली में लगातार 15 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस को पिछले दो विधानसभा चुनावों में झटका लगा है और वह एक भी सीट जीतने में विफल रही है। इसके विपरीत, 2020 के विधानसभा चुनावों में आप ने 70 में से 62 सीटें जीतकर अपना दबदबा बनाया, जबकि भाजपा को केवल आठ सीटें मिलीं।
Updated on:
08 Jan 2025 01:11 pm
Published on:
08 Jan 2025 09:26 am
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