
मणिपुर में हो रही हिंसा पर कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथ लिया है। बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि मणिपुर में मासूम युवाओं का अपहरण करके उनकी हत्या की जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं वे भयावह हैं और इससे साफ है कि पिछले पांच माह में वहां स्थिति बहुत बिगड़ी है और सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रही है। जिन लोगों ने यह अपराध किया है उनको जल्द से जल्द पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मणिपुर में युवाओं की हत्याों पर प्रधानमंत्री चुप हैं
कांग्रेस नेता ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पत्रकार सच्चाई दिखाना चाहते हैं तो उन पर प्राथमिकी हो जाती है। इंटरनेट पर सच्चाई दिखने लगी तो पांच दिन के लिए इंटरनेट बंद कर दिया। ऐसा कब तक चलेगा? प्रधानमंत्री मोदी को और कितने सबूत चाहिए? आज मणिपुर में युवाओं की हत्या हो रही है और प्रधानमंत्री चुप हैं।
प्रधानमंत्री ने मणिपुर को अपनी पीठ दिखा दी है
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि मणिपुर में करीब पांच महीने पहले हिंसा शुरू हुई, लेकिन मोदी जी आज तक वहां नहीं गए। सवाल है कि क्या देश ने नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री सिर्फ प्रचार और उद्घाटन के लिए बनाया है। हम जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री ने बीते पांच महीनों में खुद कितनी बार मुख्यमंत्री बीरेन सिंह से बात की है?
सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार
गोगोई ने कि कहा हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी सारी पार्टियों की बैठक बुलाएं और हम सभी मिलकर मणिपुर की समस्या का कोई समाधान निकालें। मणिपुर का दर्द आज पूरा देश महसूस कर रहा है। मणिपुर में राज्य सरकार जिस तरह लाठियों और आंसू गैस के जरिए छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, कांग्रेस उसकी निंदा करती है।
मणिपुर में भाजपा की सरकार महिलाओं और बच्चों को बचाने में नाकाम रही है। वहां न जवान सुरक्षित हैं और न पुलिसकर्मी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी खुद की छवि के मायाजाल में ऐसे फंस चुके हैं कि उन्हें मणिपुर की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं दे रही।
Published on:
27 Sept 2023 08:00 pm
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