Congress on Adani Issue: अडानी मामले पर कांग्रेस सरकार पर लगातार हमलावर है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से शुरू हुए अडानी विवाद पर कांग्रेस सरकार से लगातार सवाल पूछ रही है। आज भी मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार से इस मामले में तीन सवाल पूछे।
Congress on Adani Issue: भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के मामले में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां सरकार पर लगातार हमलावर है। अमरीकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग द्वारा गौतम अडानी पर लगाए गए आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच की मांग को लेकर संसद से सड़क तक घमासान छिड़ा है। अडानी विवाद को लेकर संसद का बजट सत्र अभी तक बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लेकिन इस मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। बुधवार को भी मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अडानी मामले में सरकार से तीन सवाल पूछे। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इन सवालों पर जारी सरकार की चुप्पी को लेकर तंज भी कसा। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी चुप्पी तोड़िए। उन्होंने जेपीसी और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति का अंतर बताते हुए जेपीसी की मांग को फिर से दोहराई।
अडानी को लेकर सरकार की नीति और नीयत ठीक नहींः कांग्रेस
कांग्रेस ने अडानी मुद्दे पर पीएम मोदी को लेकर बुधवार को 100वां सवाल पूछा। जयराम रमेश ने कहा, सरकार की नीति और नीयत अडानी को लेकर ठीक नहीं है। कांग्रेस ने पिछले एक महीने से लगातार अडानी मामले में जेपीसी की जांच को लेकर पीएम मोदी और बीजेपी को निशाना साधा है। कांग्रेस पार्टी ने कहा एक महीने में पार्टी ने अडानी मुद्दे पर पीएम मोदी को लेकर 100 सवाल किए। पीएम को इसका जवाब देना चाहिए।
1992 और 2001 में स्टॉक स्कैम में हुआ था JPC का गठन
जयराम रमेश ने कहा कि अडानी मामले में जांच के लिए जिस समिति का गठन हुआ है वे अडानी से सवाल करेंगे। हम जो सवाल कर रहे हैं वे प्रधानमंत्री से कर रहे हैं। ये सवाल सुप्रीम कोर्ट की समिति नहीं करेगी, उनकी हिम्मत भी नहीं होगी। ये सिर्फ JPC में ही उठाया जा सकता है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आगे बताया कि जेपीसी का गठन 1992 में हुआ था, तब कांग्रेस सत्ता में थी। 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी जेपीसी का गठन हुआ था। दोनों समय स्टॉक स्कैम में जेपीसी का गठन हुआ था। लेकिन आज अडानी मामले में सरकार कतरा रही है।
जेपीसी और सुप्रीम कोर्ट की समिति में अंतर भी बताया
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अडानी मामले में इतना हंगामा होने के बाद भी पीएम ने चुप्पी क्यों साधी है। जयराम रमेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट समिति और जेपीसी में एक मौलिक अंतर ये है कि जो सवाल हम (विपक्ष) कर रहे हैं। ये केवल जेपीसी की जांच में ही साबित हो सकता है। जेपीसी में सत्तापक्ष बहुमत में रहता है और अध्यक्ष भी उनका रहता है बावजूद विपक्षी दल को एक मौका मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की समिति सरकार से उचित सवाल नहीं करेगीः जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की समिति, सरकार के लिए क्लीन चिट समिति साबित होगी। ये सरकार से उचित सवाल नहीं करेगी। सरकार की नीति और नीयत अडानी को लेकर ठीक नहीं है इसलिए सवाल का जवाब नहीं देना चाहते। हम ये सवाल उद्योपति गौतम अडानी से नहीं पूछ रहे हैं। हम देश के प्रधानमंत्री से ये सवाल पूछ रहे हैं, जिन्हें सदन में उनका जवाब देना चाहिए।
यह भी पढ़ें - कांग्रेस का बीजेपी पर हमला, कहा- देश में अमृतकाल नहीं अघोषित आपातकाल