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Constitution Debate: ‘कांग्रेस के माथे से कभी नहीं मिट सकता आपातकाल का पाप’, लोकसभा में बोले पीएम मोदी

PM Modi in Lok Sabha on Constitution Debate: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह संविधान ही है जिसने उन्हें और कई अन्य लोगों को यहां तक पहुंचने का अवसर दिया। पीएम ने कहा, तीन बार प्रधानमंत्री बनना संविधान की शक्ति के बिना संभव नहीं था।’
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नई दिल्ली

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Akash Sharma

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Updated: 14 Dec 2024, 8:10 PM IST

PM Modi speaks in Lok Sabha on Constitution debate

PM Modi speaks in Lok Sabha on Constitution debate

Constitution Debate PM Modi: लोकसभा में 'भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत ने देश के संविधान के माध्यम से शुरू से ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया, जबकि कई देशों को महिलाओं को उनके अधिकार देने में दशकों लग गए। पीएम मोदी ने कहा, "भारत का लोकतंत्र, इसका गणतांत्रिक अतीत बहुत समृद्ध रहा है। यह एक प्रेरणा रही है और इसीलिए आज भारत को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। हम न केवल एक बड़ा लोकतंत्र हैं, बल्कि लोकतंत्र की जननी भी हैं।" पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी जोरदार हमला बोला।

कांग्रेस ने संविधान से छेड़छाड़ की है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में ने शनिवार को कांग्रेस पर बार-बार संविधान की भावना की हत्या करने का आरोप लगाया है। पीएम मोदी ने कहा, 'आपातकाल का पाप देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के माथे से कभी नहीं मिट सकता। पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर गांधी परिवार की हर पीढ़ी ने सत्ता में रहते हुए संविधान से छेड़छाड़ की है। संविधान के 75 साल हो गए। हमारे देश में आपातकाल लगाया गया, लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं ख़त्म कर दी गईं, देश को जेल में बदल दिया गया, नागरिकों के अधिकारों को लूट लिया गया, प्रेस की आज़ादी पर ताला लगा दिया गया, जब भी लोकतंत्र की चर्चा होगी आर-पार दुनिया, कांग्रेस का पाप कभी नहीं मिटेगा क्योंकि लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया।'

'संविधान का शिकार करती रही कांग्रेस'

पीएम मोदी ने लोकसभा में "भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा" पर सदन में दो दिन की चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि आज संविधान के 75 साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन अगर हम पीछे मुड़कर देखें तो जब संविधान के 25 साल पूरे हो रहे थे, तब आपातकाल लगाया गया था, संवैधानिक अधिकारों को नकार दिया गया था। कांग्रेस के शासनकाल की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था कि अगर संविधान हमारे लिए बाधा बनता है, तो हमें उसमें बदलाव लाना चाहिए। पीएम ने कहा, "हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि देश चुप नहीं बैठा। राष्ट्रपति और स्पीकर ने पं. नेहरू को चेतावनी दी और उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन पं. नेहरू ने 'अपने संविधान' का पालन किया। कांग्रेस के माथे से आपातकाल का पाप कभी नहीं मिट सकता है।"

'कांग्रेस सरकार में भारत को दुनिया में बदनाम किया जा रहा था'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 2012 में देश में सबसे बड़ी बिजली कटौती के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उनकी सरकार ने 'एक राष्ट्र, एक ग्रिड' की दिशा में काम किया है और देश के सभी हिस्सों में निर्बाध बिजली आपूर्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान, "हमने देखा कि भारत को दुनिया में सुर्खियों में बदनाम किया जा रहा था"। उन्होंने कहा, "कई बार देश के एक हिस्से में बिजली होती थी लेकिन उसकी आपूर्ति नहीं होती थी। इसलिए, दूसरे हिस्से में अंधेरा रहता था। पिछली सरकार के दौरान हमने देखा कि भारत को सुर्खियों के जरिए दुनिया के सामने बदनाम किया जा रहा था। हमने वो दिन भी देखे हैं। इसीलिए एकता के मंत्र और संविधान की भावना को कायम रखते हुए हमने वन नेशन वन ग्रिड को पूरा किया। इसीलिए आज भारत के सभी कोनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति है।"

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