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Coronavirus Third Wave: अक्टूबर में पीक पर हो सकते हैं कोविड केस, गृहमंत्रालय ने पीएमओ को सौंपी रिपोर्ट

Coronavirus Third Wave के खतरे को लेकर गृहमंत्रालय के निर्देश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की एक्सपर्ट्स समिति ने पीएमओ को सौंपी रिपोर्ट, बच्चों में अधिक खतरे की आशंका
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Dheeraj Sharma

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Updated: 23 Aug 2021, 1:32 PM IST

Coronavirus Third Wave

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर ( Coronavirus Third Wave ) के खतरे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल देश में अक्टूबर के महीने में कोविड 19 ( Covid 19 ) के केस उच्चतम स्तर पर पहुंच की संभावना जताई गई है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ( NIDM ) के तहत गठित एक्सपर्ट पैनल ने तीसरी लहर की चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास पीक पर पहुंच सकती है। गृहमंत्रालय ( Ministry Of Home Affairs ) के निर्देश पर गठित इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय ( PMO ) को सौंपी है।

यह भी पढ़ेंः Coroanvirus In India: कोरोना से जंग के बीच बड़ी राहत, मार्च 2020 के बाद एक्टिव मामलों में दर्ज की गई बड़ी गिरावट

देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामले भले ही कम हो रहे हैं, लेकिन अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर गठित एनआईडीएम के तहत गठित एक्सपर्ट पैनल ने अपनी रिपोर्ट में अक्टूबर महीने में तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है।

एक्सपर्ट तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास पीक पर पहुंच सकती है। कमेटी ने इस दौरान बच्चों के लिए बेहतर मेडिकल तैयारी की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे को भी बड़ों के समान ही खतरा है।
इन संसाधनों की कमी बढ़ा सकती है मुश्किल

रिपोर्ट में कहा गया है कि, बच्चों के लिए मेडिकल सुविधाएं - डॉक्टर, कर्मचारी, वेंटिलेटर, एम्बुलेंस जैसे उपकरण कहीं भी नहीं हैं।

बड़ी संख्या में बच्चों के संक्रमित होने की स्थिति में इनकी आवश्यकता बढ़ सकती है। ऐसे में इन संसाधनों की कमी मुश्किल बढ़ा सकती है। यह रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी गई है।

इन बच्चों पर विशेष ध्यान देने पर जोर
रिपोर्ट में गंभीर रूप से बीमार और विकलांग बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। कई स्टडीज में तीसरी लहर की संभावना की बात कही है लेकिन ये अब तक यह एक अनुमान है।

यही नहीं अपनी रिपोर्ट में एक्स्पर्ट्स ने बच्चों के लिए बेहतर मेडिकल तैयारी की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे को भी बड़ों के समान ही खतरा है।

वहीं एक्सपर्ट पैनल का ये भी मानना है कि बच्चों में भले ही गंभीर संक्रमण का खतरा ना हो, लेकिन वे संक्रमण को फैला सकते हैं। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर को दूसरी लहर के मुकाबले कम प्रभावी बताया जा रहा है।

केरल ने बढ़ाई सबसे ज्यादा चिंता
देश में अब केरल अकेला ऐसा राज्य है, जहां कोरोना पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी बना हुआ है। केरल के करीब 14 जिले रेड जोन में शामिल हैं। बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने 5 फीसदी से ज्यादा कोरोना के मामलों को चिंताजनक बताया है।

यह भी पढ़ेंः Kerala: एक ही जिले में वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद भी 5 हजार से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव, नए वेरिएंट की आशंका

6 दिन में बढ़ी एक्टिव केस कम होने की रफ्तार
देश में बीते दिन 25,072 कोरोना केस मिले, जबकि 44,157 लोग ठीक हुए। लगातार तीसरे दिन ठीक होने वालों की संख्या नए मरीजों से ज्यादा है। जो अच्छा संकेत है।

वहीं कोरोना के चलते देशभर में 389 मरीजों की मौत हुई। अब तक 3.16 करोड़ लोग रिकवर हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में एक्टिव केस में 19 हजार से अधिक की कमी आई है। वहीं पिछले 6 दिन से एक्टिव केस कम होने की रफ्तार बढ़ रही है।