
कफ सिरप और हेल्थ टॉनिक पर सरकार का बड़ा फैसला | फोटो सोर्स- Freepik
Cough Syrup New Rules: देश में कफ सिरप और हेल्थ टॉनिक से नशा करने वालों पर केंद्र सरकार ने बहुत बड़ी सख्ती की है। पिछले काफी समय से खांसी की दवाइयों का नशे के तौर पर हो रहे गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में एक बदलाव कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब ज्यादा अल्कोहल (शराब) की मात्रा वाले सिरप और टॉनिक बाजार में खुलेआम नहीं बिक सकेंगे।
नए नियमों के अनुसार, अब 30 ml से बड़ी पैकिंग और 12% से ज्यादा इथाइल अल्कोहल वाली सभी ओरल लिक्विड दवाओं को सीधे 'शेड्यूल H1' की कैटगरी में डाल दिया गया है। यानी अब ये दवाइयां बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के किसी भी मेडिकल स्टोर पर नहीं मिलेंगी और दुकानदारों के लिए भी इसका पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा।
बता दें कि नशे के तौर पर जिन दवाइयों का इस्तेमाल होता था, वे अभी तक आसानी से मिल जाती थी। अब सरकार ने इन दवाओं को शेड्यूल H1 में डाल दिया है। इसका अर्थ है कि अब ये दवाई डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं दी जाएगी। इसके अलावा दुकानदार को इसका पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। वहीं बोतल पर चेतावनी लेबल भी लगाना जरूरी कर दिया है। इन दवाइयों में नींद की गोलियां और दर्द की तेज दवाई भी शामिल है।
बता दें कि सरकार ने इस नियम का ड्राफ्ट 2025 में सामने रखा था और 30 दिन तक लोगों को अपनी राय या आपत्ति देने का समय भी दिया था। लेकिन इस ड्राफ्ट पर किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद केंद्र सरकार ने दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड से भी बात की और इसे पक्का कानून कर दिया।
बता दें कि इस बदलाव के तहत मोदी सरकार ने Schedule K में भी संशोधन किया है। दरअसल, जिन दवाओं को नियमों और बिक्री में कुछ छूट मिलती थी, इस नियम में संशोधन होने पर वह अब खत्म कर दी है। सरकार का उद्देश्य दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल करने का है। दरअसल, कई लोग दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल करते है, इसमें खांसी की दवाएं ज्यादातर है।
Updated on:
10 Jul 2026 10:21 am
Published on:
10 Jul 2026 09:26 am
