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‘जहां ये लोग रहते हैं, वहां क्राइम होता है…’ असम में नाबालिग से रेप मामले में यह क्या बोल गए बीजेपी विधायक

असम के नागांव जिले में 14 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार (Gangrape) के मामले में आरोपी तफजुल इस्लाम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। दरअसल, पुलिस आरोपी तफजुल इस्लाम को अपराध स्थल पर ले जा रही थी, ताकि क्राइम सीन रिएक्रट कर सके।

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Bjp Mla Manab Deka commented on Muslim Community: असम के नागांव जिले में 14 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार (Gangrape) के मामले में आरोपी तफजुल इस्लाम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। दरअसल, पुलिस आरोपी तफजुल इस्लाम को अपराध स्थल पर ले जा रही थी, ताकि क्राइम सीन रिएक्रट कर सके। तभी आरोपी ने तालाब में कूदकर भागने की कोशिश की लेकिन उसकी पानी में डूबकर मौत हो गई। वहीं इस घटना के बाद कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (Bjp) के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

मुस्लिमों ने कांग्रेस को माना मां

आरोपी की मौत के मामले में बीजेपी विधायक मनाब डेका (Bjp Mla Manab Deka) ने कहा कि पुलिस (Police) का इन लोगों को कोई डर नहीं है। क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए लेकर गए। वहां पर वो तालाब में डूबकर मर गया। पीड़िता को भगवान के घर न्याय मिल गया। लेकिन कांग्रेस (Congress) तो अपराधी के पक्ष में ही बोलेगी। एक विशेष समुदाय के लोगों ने तो कांग्रेस को अपनी मां मान लिया है और हमें सौतेला समझते हैं। तो कांग्रेस मां की जिम्मेदारी निभाए।

“जहां ये रहते हैं वहां क्राइम होता है”

बता दें कि नाबालिग से गैंगरेप मामले में बीजेपी विधायक मनाब डेका ने इससे पहले भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जहां विशेष समुदाय के लोग रहते हैं वहां क्राइम होता है। विशेष समुदाय के लोगों और कांग्रेस के बीच भाईचारा है। गोलपारा, बारपेटा, नागांव, धुबरी और मोरीगांव यहां पर कांग्रेस की पहुंच है। जब भी अपराध होता है तब कांग्रेस इनको प्रोटेक्शन देती है। क्योंकि कांग्रेस और विशेष समुदाय के लोगों में भाईचारा है। 

पुलिस पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल

वहीं आरोपी की मौत पर कांग्रेस नेता अब्दुल राशिद ने पुलिस पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि आरोपी से कोई हमदर्दी नहीं है। समाज के लिए ऐसे लोगों का मर जाना ही अच्छा है। लेकिन वो पूरे समाज के लिए बदनामी है। मगर सवाल पुलिस हिरासत में कैदी की मौत को लेकर है। पुलिस को क्राइम को स्टेब्लिश करना था। आरोपी को कानूनी तौर पर सजा देनी चाहिए थी। मैं कोई पक्ष नहीं ले रहा, लेकिन पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत होने पर पुलिस के काम पर भी सवाल खड़े होते हैं।

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