
आरोपी जी श्रीनिवास (फोटो - V.C. Sajjanar, IPS एक्स पोस्ट)
तेलंगाना के हैदराबाद में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे पर अपने बुजुर्ग माता-पिता को बेरहमी से मारने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद अदालत ने कडा रुख अपनाते हुए आरोपी बेटे को 60 दिन की जेल की सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से अपने माता-पिता को शारीरिरक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोपी की पहचान 44 वर्षीय जी श्रीनिवास के रूप में हुई है। बुजुर्ग दंपति ने पुलिस को लंबे समय से हो रहे उत्पीडन की जानकारी दी थी जिसके एक ही दिन बाद कोर्ट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार, जी श्रीनिवास अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इसके बाद माता-पिता ने 21 मई को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने शुक्रवार को आरोपी को 60 दिनों की जेल की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यूजर्स इसकी कड़ी आलोचना कर रहे है।
हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता के साथ क्रूरता अमानवीय और दंडनीय है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने ही घर में डर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और देखभाल मिलनी चाहिए। पुलिस विभाग ने बताया कि सीनियर सिटिजन सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत नियमित विजिट, डायल-100 पर त्वरित प्रतिक्रिया, स्पॉट एफआईआर और वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं। पुलिस ने बुजुर्ग नागरिकों से अपील की कि यदि वे किसी तरह के उत्पीडन या उपेक्षा का सामना कर रहे हैं, तो बिना डर पुलिस से संपर्क करें।
इस घटना के बीच तेलंगाना विधानसभा में मार्च 2026 में पारित तेलंगाना एम्प्लॉइज अकाउंटेबिलिटी एंड मॉनिटरिंग ऑफ पैरेंटल सपोर्ट बिल, 2026 भी चर्चा में है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा था कि यह बिल वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। यह कानून सरकारी कर्मचारियों, निजी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों पर भी लागू होगा। बिल के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करता, तो उसकी सैलरी से 15 प्रतिशत या 10,000 रुपये तक की कटौती कर माता-पिता को दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बुजुर्गों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
Updated on:
23 May 2026, 12:13 PM IST
Published on:
23 May 2026, 12:13 PM IST
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