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पहले पत्नी और मां को मारा फिर पटरी पर लेटा शख्स, पिता को बचाने भागे बच्चे भी आए ट्रेन की चपेट में, पांच की मौत

तिरुपति में एक व्यक्ति ने पत्नी और मां की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली। इस दौरान उसके दो बच्चे भी ट्रेन की चपेट में आकर मारे गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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भारत

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Himadri Joshi

Apr 23, 2026

हमला (प्रतीकात्तमक तस्वीर)

हमला (प्रतीकात्तमक तस्वीर)

आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कुछ ही घंटों के भीतर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यहां एक व्यक्ति ने पहले अपनी पत्नी और मां की हत्या की और फिर आत्महत्या करने के लिए ट्रेन की पटरियों पर जाकर लेट गया। इस दौरान शख्स के दोनों बच्चे भी उसे बचाने पटरियों पर चले गए और ट्रेन की चपेट में आ गए। पुलिस के अनुसार यह घटना तिरुपति जिले के वेंकटाकृष्णा पालेम पंचायत में हुई है। आरोपी की पहचान मोहन के रूप में हुई है, जिसने घर पर अपनी पत्नी और मां की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वह अपने दो बच्चों को लेकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया, जहां यह हादसा हुआ।

घटना के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि मोहन ने अपनी पत्नी हरिता (33) और मां चंद्रकला (65) की हत्या घर में ही की। हरिता एक टेलरिंग शॉप और ब्यूटी पार्लर चलाती थीं, जबकि चंद्रकला गृहिणी थीं। हत्या के बाद मोहन ने अपने बच्चों को स्कूल से लिया और उन्हें यह कहकर साथ ले गया कि उनके दादा का निधन हो गया है। परिवार के अन्य सदस्य जब घर पहुंचे तो उन्होंने दोनों महिलाओं को मृत पाया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया। इस दौरान मोहन का मोबाइल फोन भी बंद पाया गया, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो गया।

पिता को बचाते हुए बच्चे भी आए ट्रेन की चपेट में

जांच में पता चला कि मोहन अपने बच्चों को मोटरसाइकिल पर लेकर चित्तूर और तिरुपति इलाके में घूमता रहा और शाम करीब 7:15 बजे वेपगुंटा रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां उसने गाड़ी खड़ी की और बच्चों के साथ रेलवे ट्रैक पर चला गया। उसने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या करने की कोशिश की। बताया गया कि जब ट्रेन पास आई तो बच्चे उसे बचाने की कोशिश करने लगे, लेकिन तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को घटना की सूचना दी, जिसके बाद रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मोहन के मानसिक रूप से अस्थिर होने या किसी बड़े आर्थिक संकट की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, उसने अपनी बहन को कुछ पैसे लौटाए थे, जिससे किसी निजी तनाव की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक व्यक्ति ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया।