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मां ने 15 साल के बेटे को मारा और कर दिया दफन, नाजायज रिश्ते पर सवाल उठाने की मिली सजा

Crime News: आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में एक मां ने प्रेम संबंध का विरोध करने पर अपने 15 साल के बेटे की हत्या कर दी। महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। SIT जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ।
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अमरावती 

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Himadri Joshi

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Updated: 2 Jun 2026, 2:57 PM IST

Gangamma and her son

गंगम्मा और उसका मृतक बेटा (फोटो- Rachakonda Sagar एक्स पोस्ट)

Crime News: आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने 15 साल के मासूम बेटे को बेरहमी से मार डाला। यह घटना जिले के आदोनी कस्बे की बताई जा रही है। यह मामला पहले एक साधारण लापता शिकायत जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन बाद में जांच में हत्या की डरा देने वाली साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, 15 वर्षीय वीरेंद्र की हत्या उसकी मां गंगम्मा ने अपने प्रेमी दरगप्पा के साथ मिलकर की। बताया गया कि किशोर अपनी मां के कथित अवैध संबंध का लगातार विरोध कर रहा था और गांव वालों व रिश्तेदारों के सामने इस रिश्ते का खुलासा भी कर चुका था। इसी कारण घर में लगातार विवाद बढ़ रहे थे और आखिरकार हत्या की साजिश रची गई।

अवैध संबंधों का विरोध करने पर ली जान

पुलिस जांच के अनुसार, वीरेंद्र आदोनी मंडल के जी. होसल्ली गांव का रहने वाला था। उसकी मां गंगम्मा का दरगप्पा नामक व्यक्ति के साथ कथित प्रेम संबंध था। किशोर कई बार अपनी मां के व्यवहार पर सवाल उठा चुका था। पुलिस का कहना है कि मां और उसके प्रेमी को डर था कि यह रिश्ता सार्वजनिक हो जाएगा और गांव में बदनामी बढ़ेगी। इसी वजह से दोनों ने मिलकर वीरेंद्र की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गांव के बाहरी इलाके स्थित कब्रिस्तान में गुप्त रूप से दफना दिया गया ताकि किसी को शक न हो और मामला हमेशा के लिए दब जाए।

बेटे को लापता बता पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई

हत्या के बाद गंगम्मा ने खुद पुलिस में बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इतना ही नहीं, वह बेटे की तलाश का नाटक भी करती रही और जांच में देरी का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट तक पहुंच गई। कोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच तेज करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने गंगम्मा और दरगप्पा के बयानों में कई विरोधाभास पाए। कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी सबूत और स्थानीय गवाहों के बयान ने दोनों पर शक मजबूत कर दिया। जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने मामले को गुमशुदगी की तरह पेश करने की कोशिश की, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों की जानकारी से सच्चाई सामने आ गई।

कड़ी सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान से निकाला गया शव

कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने गांव के कब्रिस्तान में उस जगह की पहचान की जहां वीरेंद्र का शव दफनाया गया था। 1 जून को राजस्व अधिकारियों, मेडिकल टीम और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को बाहर निकाला गया। अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने दरगप्पा को हिरासत में ले लिया है, जबकि गंगम्मा से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब हत्या की पूरी साजिश, घटना के समय और अन्य संभावित सबूतों को जुटाने में लगी हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।