
चक्रवात गुलाब
नई दिल्ली। Cyclone Gulab. चक्रवाती तूफान गुलाब ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में पहुंच गया है। इसके साथ ही हवाएं 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के 5 मछुआरे डूब गए हैं। जानकारी के मुताबिक समुद्र से लौटते समय मंडासा तट पर मछुआरों की नाव तेज लहरों के टकराने के बाद पलट गई। जानकारी मिलने पर पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मछुआरों की तलाश जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार शाम 6 बजे से चक्रवात गुलाब का लैंडफॉल भी शुरू हो गया। इसके चलते मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं।
इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग का कहना है कि तूफान गुलाब से पश्चिम बंगाल का तटीय इलाका भी प्रभावित होगा। तूफान के चलते 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। गुलाब तूफान ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। इसको लेकर मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के दक्षिणी तटों के लिए ऑरेंट अलर्ट भी जारी किया है।
बंगाल में भी दिखेगा गुलाब चक्रवात का असर
मौसम विभाग का कहना है कि ओडिशा और आंध्रप्रदेश के साथ बंगाल के पूर्व मिदनापुर और 24 परगना जिलों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। विभाग ने इन इलाकों में ज्यादा बारिश का अनुमान लगाया गया है। बताया गया कि बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण मिदनापुर, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर में तेज बरसात होगी, जोकि 29 अक्टूबर तक चल सकती है।
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मौसम विज्ञान के नए अवलोकनों के अनुसार, क्लाउड बैंड ने तटीय क्षेत्रों को छू लिया है और इस प्रकार लैंडफॉल की प्रक्रिया उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण तटीय ओडिशा में शुरू हो गई है। साढ़े 5 बजे तक हवा 31 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल रही थी, जबकि इससे पहले गोपालपुर में हवा की गति 26 किमी प्रति घंटा रही थी।
पाकिस्तान से मिला है नाम
बता दें कि इस चक्रवात का नाम 'गुलाब' पाकिस्तान ने दिया है। 'गुलाब' शब्द एक बारहमासी फूल वाले पौधे को संदर्भित करता है। आईएमडी के ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात गुलाब का नाम 'गुल-आब' रखा गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) प्रत्येक उष्णकटिबंधीय चक्रवात बेसिन के नामों की एक लिस्ट रखता है जो नियमित आधार पर बदलता है। इससे पहले देश में चक्रवात ताउते और यास आया था।
Updated on:
26 Sept 2021 07:35 pm
Published on:
26 Sept 2021 07:15 pm
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