2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दाऊद का करीबी सलीम डोला तुर्की में हो गया था अंडरग्राउड, जानें कैसे उसकी एक गलती बनी गिरफ्तारी की वजह

दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को तुर्की से गिरफ्तार कर भारत लाया गया। एक कुरियर डिलीवरी से उसकी लोकेशन ट्रेस हुई। उसके पास से तीन पासपोर्ट बरामद हुए और अब एनसीबी मामले की जांच कर रही है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

May 02, 2026

Salim Dola

सलीम डोला (फोटो- Sidhant Sibal एक्स पोस्ट)

भारत की सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से अंडरवर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। खासतौर पर दाऊद इब्राहिम से जुड़े लोगों की तलाश लगातार जारी रही है। इसी कड़ी में हाल ही में भारतीय एजेंसियों को एक बड़ी कामीयाबी मिली जब दाऊद के करीबी सहयोगी मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से गिरफ्तार कर भारत लाया गया। यह गिरफ्तारी एक मामूली गलती के कारण संभव हो पाई, जिसने एजेंसियों को उसकी लोकेशन तक पहुंचा दिया।

भारत से भागकर तुर्की के इस्तांबुल में छिप गया था डोला

डोला, जो मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला है, कई सालों से फरार था और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई संभव हो सकी। सलीम डोला भारत से भागकर तुर्की के इस्तांबुल में छिप गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग कर लिया था। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ साल तक वह अपने ठिकाने से बाहर नहीं निकला और किसी से सीधे संपर्क में भी नहीं रहा।

एक कुरियर के चलते खुला राज

एजेंसियों के लिए उसकी लोकेशन का पता लगाना बेहद मुश्किल था। अधिकारी इसे सूई को भूसे के ढेर में ढूंढने जैसा बता रहे थे। लेकिन लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी तलाश जारी रही। पूरी सावधानी बरतने के बावजूद डोला से एक बड़ी गलती हो गई। कुछ दिन पहले उसने अपने ठिकाने पर एक कुरियर मंगवाया। यही कदम उसकी गिरफ्तारी का कारण बना। इस डिलीवरी ट्रांजैक्शन के जरिए भारतीय एजेंसियों को उसकी सटीक लोकेशन मिल गई। इसके बाद तुरंत तुर्की पुलिस को सूचना दी गई और इस्तांबुल पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया

मंगलवार को डोला को दिल्ली लाया गया

गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाया गया और मंगलवार को दिल्ली पहुंचाया गया। यह ऑपरेशन भारतीय एजेंसियों और इंटरपोल के बीच मजबूत समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है। छापेमारी के दौरान डोला के पास से तीन पासपोर्ट बरामद किए गए, जिनमें दो भारतीय और एक बुल्गारियाई पासपोर्ट शामिल है। वह बुल्गारियाई पासपोर्ट पर हमजा नाम से रह रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि यह पासपोर्ट असली था या फर्जी। मुंबई की एक अदालत ने उसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में 8 मई तक भेज दिया है। एनसीबी ने अदालत को बताया कि डोला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है और 2023 में मुंबई में पकड़े गए मेफेड्रोन ड्रग केस में मुख्य सप्लायर के रूप में उसकी पहचान हुई है।