
फरीदाबाद से गिरफ्तार मौलवी मोहम्मद इश्त्याक का भाई मोहम्मद शाहबाद (फोटो- एएनआई)
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में एक बड़े वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ है, जो कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और जम्मू कश्मीर से संचालित किया जा रहा था। इस ग्रुप में डॉक्टर और प्रोफेसर जैसे कई पढ़े लिखे लोग शामिल थे जो भारत में बड़े स्तर पर आतंकी हमले करने की साजिश रच रहे थे। इसका भंड़ाफोड़ होने के बाद से लगातार ग्रुप में शामिल डॉक्टर्स की गिरफ्तारी हो रही है। इसी मामले की जांच के तहत हरियाणा के फरीदाबाद से मोहम्मद इश्त्याक नामक एक इमाम (मौलवी) को गिरफ्तार किया गया था। इश्त्याक के भाई मोहम्मद शाहबाद ने इस गिरफ्तारी को गलत बताते हुए बुधवार को कहा कि, मेरा भाई पूरी तरह से बेकसूर है और उस पर लगाए गए सारे आरोप बिल्कुल गलत हैं।
दरअसल, इश्त्याक वहीं व्यक्ति है जिसके मकान में आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील रहता था। डॉ. मुजम्मिल को दिल्ली धमाकों से एक दिन पहले फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (लगभग 300-350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट), असॉल्ट राइफलें (AK-47 जैसी), पिस्तौलें और गोला-बारूद बरामद किया गया था। यह सभी सामान डॉ. मुजम्मिल ने इश्त्याक के घर में रखे थे। इसी के चलते मामले का खुलासा होने के बाद इश्त्याक को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उसके भाई का दावा है कि उन्हें डॉ. मुजम्मिल द्वारा रखे गए विस्फोटकों की कोई जानकारी नहीं थी।
इश्त्याक के भाई शाहबाद ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा, इश्त्याक पिछले 20 सालों से अल फलाह यूनिवर्सिटी की उस मस्जिद के हैं। मैंने उन्हें उनकी शादी से पहले वहां तैनात किया था। वे और उनका परिवार वहीं रहते हैं और हम अक्सर एक-दूसरे से मिलने आते-जाते रहते हैं। शाहबाद ने आगे कहा, इश्त्याक फरीदाबाद में एक ज़मीन खरीदी थी और किराए पर देने के लिए कमरे बनवाए थे। उन कमरों में से एक कमरा इस डॉक्टर (मुज़म्मिल) को किराए पर दिया गया था। हमें यह पता नहीं है कि उसने वह कमरा कब किराए पर लिया।
अपने भाई का बचाव करते हुए शाहबाद ने आगे कहा, कोई भी किरायेदार की रोज़मर्रा की गतिविधियों पर नज़र नहीं रखता है। हम अपने किरायेदारों के पास केवल किराया लेने के लिए जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, मीडिया अब रिपोर्ट कर रहा है कि उस किरायेदार के कमरे से हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। मेरे भाई पर लगाए गए आरोप बिल्कुल गलत हैं। मेरे परिवार पर कभी कोई आरोप नहीं लगा है। मेरे सभी भाई इमाम हैं। शाहबाद ने बताया कि, वह मूल रूप से नूंह जिले के सिंगार गांव के रहने वाले है। वह 5 भाई है जिसमें से 4 इमाम है।
शाहबाद ने बताया कि इश्त्याक की डॉ मुज़म्मिल से जान पहचान अल फलाह यूनिवर्सिटी के जरिए ही हुई थी और उसी के बाद उसने उसे किराए पर कमरा दिया। शाहबाद ने कहा कि, मेरे भाई का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। इश्त्याक की मां ने कहा कि, मेरा बेटा बेगुनाह है और उन्होंने पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
Published on:
13 Nov 2025 03:09 pm
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