
NIA की जांच जारी (ANI)
Delhi Blast: दिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर को आत्मघाती हमला करने वाले व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े आतंकी हमास के स्टाइल में रॉकेट और ड्रोन से हमले की प्लानिंग कर रहे थे। NIA की पूछताछ में आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी के एक और साथी, जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश ने इस बात का खुलासा किया है। दानिस को NIA ने चार दिन पहले श्रीनगर से गिरफ्तार किया था। वह जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला है।
NIA ने कहा कि दानिश को छोटे ड्रोन हथियार बनाने का अनुभव है। उनके आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए डॉ. उमर को तकनीकी मदद दी। वह हमले की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। वह ड्रोन को मॉडिफाई करके आतंकी हमलों के लिए तकनीकी मदद कर रहा था और रॉकेट बनाने की कोशिश भी कर रहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि दानिश ने बड़ी बैटरियों से शक्तिशाली ड्रोन बनाने की कोशिश की थी। इन ड्रोनों का इस्तेमाल भीड़-भाड़ वाली जगहों पर करना था। ताकि ब्लास्ट में ज्यादा से ज्यादा मौत हो। दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी आमिर राशिद अली को पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 दिन की NIA कस्टडी में भेज दिया है। उमर ने आखिरी बार अली से ही बातचीत की थी। वहीं, धमाके में इस्तेमाल कार आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी और वह इसे खरीदने के लिए दिल्ली आया था। आमिर को रविवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। इस केस में अब तक जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हमास शैली के ड्रोन हमले की योजना के तहत, पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने 2021 में जम्मू वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन का इस्तेमाल करके एक आतंकी हमला किया था। दो कम ऊंचाई वाले ड्रोनों का इस्तेमाल करके दो तात्कालिक विस्फोटक उपकरण गिराए गए, जो अपनी तरह का पहला हमला था।
Updated on:
18 Nov 2025, 7:37 AM IST
Published on:
18 Nov 2025, 7:23 AM IST
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