
दिल्ली धमाके के आरोपी उमर और मुजम्मिल (फोटो- पत्रिका ग्राफिक्स)
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में एक नया खुलासा सामने आए है। इसके मुताबिक फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के आतंकियों के निशाने पर सिर्फ दिल्ली ही नहीं था बल्कि वह करीब 32 पुरानी गाड़ियों में विस्फोटक भर के देशभर में धमाके करने की साजिश रच रहे थे। इसके लिए एक हुंडई आई 20 कार और एक लाल रंग की Ford EcoSport कार में पहले ही उन्होंने बदलाव शुरु कर दिए थे। इसी आई 20 कार का इस्तेमाल कर के लाल किले मैट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम धमाका किया गया था। इस धमाके में अब तक 13 लोगों के मरने की पुष्टि की जा चुकी है। इस मामले की जांच कर रही टीम ने अब एक बड़ा खुलासा किया है। इसके मुताबिक फरीदाबाद से संचालित डॉक्टरों का आतंकी ग्रुप करीब 32 गाड़ियां जुटाने में लगा था जिसके जरिए वह देश के अलग अलग हिस्सों में सीरीयल धमाके करने की योजना बना रहे थे। जांच एजेंसियों के हाथ घटना के आरोपी डॉ. उमर नबी और डॉ. मुजम्मिल शकील की डायरियां लगी है। इन्हीं डायरियों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
दिल्ली ब्लास्ट से एक दिन पहले डॉ. मुजम्मिल को हरियाणा के फरिदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। इसी के साथी डॉ. उमर ने दिल्ली ब्लास्ट की घटना का अंजाम दिया था, DNA टेस्ट में यह बात साबित हो चुकी है। डॉ. मुजम्मिल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इस वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल को संचालित करता था। डॉ. उमर जो कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था वह भी इस ग्रुप से जुड़ा हुआ था।
इसी यूनिवर्सिटी से महज 300 मीटर की दूरी पर डॉ. मुजम्मिल एक किराए के मकान में रहता था। इसी मकान के दो कमरों से दिल्ली ब्लास्ट से एक दिन पहले 9 नवंबर को ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (लगभग 300-350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट), असॉल्ट राइफलें (AK-47 जैसी), पिस्तौलें और गोला-बारूद बरामद किया था। पुलिस ने इस कमरे से डॉ. मुजम्मिल के अन्य सामानों की तलाशी ली जहां से उन्हें उसकी एक डायरी मिली है। इसके अलावा रूम नंबर-13 सो डॉ. मुजम्मिल की दूसरी डायरी और रूम नंबर-4 से डॉ. उमर की एक डायरी पुलिस ने बरामद की है। इस तरह पुलिस के हाथ आतंकियों की कुल तीन डायरियां लगी है।
इन डायरियों में कई कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें डिकोड करने की कोशिश की जा रही है। इन डायरियों से खुलासा हुआ है कि आतंकियों का टारगेट बहुत बड़ा था और वह चार जगहों पर जोरदार धमाके से पूरी दिल्ली को एक साथ दहलाना चाहते थे। इसके लिए आतंकि दो और पूरानी गाड़ियां तैयार करने वाले थे, जिनमें विस्फोट भर कर इस धमाके को और बड़े स्तर पर अंजाम दिया जाता। डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल की डायरियों में 8 से 12 नवंबर की तारीखें दर्ज है। इनमें 25 से अधिक लोगों के नाम भी है, जिनमें से ज्यादातर जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद के रहने वाले है।
Updated on:
13 Nov 2025 12:26 pm
Published on:
13 Nov 2025 11:03 am
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