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दिल्ली दंगों में जान गंवाने वाले अंकित शर्मा के भाई को केजरीवाल सरकार ने दी सरकारी नौकरी, परिवार को 1 करोड़ रुपए

देश की राजधानी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों में मारे गए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के भाई को अब सरकारी नौकरी मिल गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अंकित के भाई को दिल्ली के शिक्षा विभाग में नौकरी दी है।

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Dheeraj Sharma

Mar 17, 2022

Delhi CM Kejriwal Gave Govt Job To Ankit Sharma Brother Who Died In Delhi Riots

Delhi CM Kejriwal Gave Govt Job To Ankit Sharma Brother Who Died In Delhi Riots

दिल्ली में 2020 में हुए दंगों (Delhi Riots ) में मारे गए इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा (Ankit Sharma )के परिवार के लिए राहत भरी खबर आई है। अंकित के भाई को अब दिल्ली में ही सरकारी नौकरी मिल गई है। गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) ने अंकित के भाई को शिक्षा विभाग में नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। इससे पहले सरकार ने अंकित के परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि भी दी थी। बता दें कि आईबी अफसर अंकित शर्मा की दिल्ली हिंसा के दौरान हत्या कर दी गई थी।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को परिवार को सरकारी नौकरी का सर्टिफिकेट सौंपा। एक ट्वीट में उन्होंने कहा, इंसान की कमी को तो कभी पूरा नहीं किया जा सकता लेकिन इस सरकारी नौकरी और 1 करोड़ की सहायता राशि से परिवार को बल मिलेगा।

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भविष्य में परिवार की मदद करते रहेंगे

यही नहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ये भी कहा कि, भविष्य में भी अंकित के परिवार की हर संभव मदद करेंगे। बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल थे।

नाले से मिला था अंकित का शव

आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव उनके लापता होने के अगले दिन 26 फरवरी को चांद बाग इलाके से उनके घर के पास एक नाले से मिला था।


इस केस में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन भी आरोपी है। वहीं कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां को पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में जमानत मिलने के बाद 16 मार्च को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया।

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इशरत जहां को मंडोली जेल से बुधवार शाम लगभग 7.45 बजे रिहा कर दिया गया।

ताहिर ने मानव हथियार के तौर पर किया दंगाइयों का इस्तेमाल

वहीं जुलाई 2020 में दिल्ली की एक कोर्ट ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ने दंगाइयों का इस्तेमाल 'मानव हथियार' के रूप में किया जो उसके उकसाने पर किसी की भी हत्या कर सकते थे।

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