4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से उत्तराखंड का सफर अब केवल ढाई घंटे में पूरा होगा, जानिए कैसे हुआ यह कमाल

Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अप्रैल 2026 में जनता के लिए खुलने जा रहा है। 210 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से दिल्ली और उत्तराखंड के बीच की दूरी महज ढाई घंटे में पूरी होगी।

2 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Apr 04, 2026

Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Photo-IANS)

Infrastructure : भारत के बुनियादी ढांचे में एक नया और बेहद अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर लगभग तैयार हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह में 14 अप्रेल को इस विशाल परियोजना का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन कर सकते हैं। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य देश की राजधानी दिल्ली और देवभूमि उत्तराखंड के बीच यातायात को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाना है।

रूट, इंटरचेंज और कुल लंबाई

यह नया एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होता है और सीधे देहरादून जाकर समाप्त होता है। इस बीच यह उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरों जैसे बागपत, बड़ौत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर को कवर करता है। इसकी कुल लंबाई 210 किलोमीटर है। वर्तमान में इसे छह लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। बागपत के पास इसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा गया है, जिससे हरियाणा और पंजाब की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

लागत और आम जनता को होने वाले मुख्य फायदे

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 12,000 से 13,000 करोड़ रुपये की विशाल लागत से किया है। दिल्ली से देहरादून का सफर तय करने में पहले 6 से 7 घंटे का लंबा समय लगता था। अब इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यह दूरी मात्र 2.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी। यातायात जाम से हमेशा के लिए राहत: इसके चालू होने से दिल्ली-मेरठ हाईवे और मुरादनगर-मोदीनगर जैसे पुराने मार्गों पर वाहनों की भारी भीड़भाड़ काफी कम हो जाएगी।

आर्थिक और पर्यटन विकास

हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। साथ ही, सहारनपुर और शामली के किसानों और व्यापारियों को दिल्ली की बड़ी मंडियों तक अपना माल सुरक्षित पहुंचाने में कम समय लगेगा।

इस एक्सप्रेसवे के जल्द शुरू होने की खबर से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर

प्रदेश और उत्तराखंड के निवासियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय व्यापारियों और नियमित यात्रियों का कहना है कि इससे न केवल उनकी थकान कम होगी, बल्कि ईंधन की लागत में भी बड़ी गिरावट आएगी। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने इस महत्वपूर्ण कदम को देवभूमि के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है।

340 मीटर लंबी शानदार सुरंग भी बनाई गई

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और खास बात पर्यावरण और वन्यजीवों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राजाजी नेशनल पार्क के वन क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है। इसके नीचे हाथी और अन्य जंगली जानवरों के सुरक्षित पार जाने के लिए विशेष एनिमल अंडरपास बनाए गए हैं। इसके अलावा, डाट काली मंदिर के पास एक 340 मीटर लंबी शानदार सुरंग भी बनाई गई है, ताकि प्राकृतिक वातावरण और जंगलों को कोई नुकसान न पहुंचे।

सड़क निर्माण का मुख्य काम लगभग पूरा हो चुका है

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण का मुख्य काम लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में कुछ अंतिम हिस्सों में स्ट्रीट लाइटिंग, साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों को परखने का काम तेजी से चल रहा है ताकि रात के समय भी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही उद्घाटन की निश्चित तारीख और टोल दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।