
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में वर्ल्ड क्लास एजुकेशन की व्यवस्था को लागू करने और छात्रों को उच्च स्तरीय स्किल बेस्ड एजुकेशन मुहैया कराने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं। सरकार अपने सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों, प्रमुखों को विदेशों की यूनिवर्सिटीज में भेजकर उन्हें वहां की शिक्षा व्यवस्था को समझने और उन्हें बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए काम कर रही है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से जानकारी दी है कि हाल ही में सराकारी स्कूलों के प्रमुख ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पहुंचे हुए हैं। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय शिक्षा देने में प्रिन्सिपलों की अंतराष्ट्रीय ट्रेनिंग से बहुत मदद मिली है।
वर्ल्ड एजुकेशन सिस्टम को समझ रहे हैं प्रिंसिपल
इस ट्रेनिंग के जरिए स्कूल प्रिंसिपलों द्वारा सरकारी स्कूलों के छात्रों की स्किल्स को बेहतर करने, उनकी पढ़ने की क्षमताओं को विकसित करने, विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था को समझते हुए उसे स्कूलों में लागू करने सहायता मिल रही है। दिल्ली सरकार की ऑटोनोमस बॉडी स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) की तरफ से भी स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने में काम कर रही है। दिल्ली सरकार द्वारा इस विभाग के अधिकारियों को ऐसे ही कई इनिशिएटिव पर काम करने के लिए कहा गया है।
कई स्कूल प्रिंसिपलों को मिल चुकी है ट्रेनिंग
इससे पहले दिल्ली सरकार की तरफ से सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों को वर्ष 2018 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में लीडरशिप प्रोग्राम के लिए भेजा गया था। उस समय 60 स्कूल प्रिंसिपलों को दो बैचों में भेजा गया था। सरकार की तरफ से वर्ष 2016 में इस परियोजना की शुरुआत की गई थी। इसकी बदौलत स्कूल प्रमुखों को दुनिया के एजुकेशन सिस्टम को समझने का अवसर मिला और उसे दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लागू करने में उन्हें मदद मिली। इससे छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा के तहत पढ़ाई करने में सहायता मिलेगी। इस परियोजना को सरकार लगातार आगे बढ़ा रही है। अब तक कई प्रिंसिपलों को इस तरह की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
कई स्कूलों प्रिंसिपल की ट्रेनिंग हुई शुरू
अभी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रमुख कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के होमर्टन कॉलेज में पहुंचे हुए हैं। यहां पर इनकी ट्रेनिंग शुरू हो गई है। यह ट्रेनिंग कई दिनों तक चलेगी। इसके बाद स्कूल प्रमुख वापिस आकर छात्रों को वहां के एजुकेशन सिस्टम को समझकर उसे सरकारी स्कूलों में लागू करेंगे।
Updated on:
10 Jul 2022 03:27 pm
Published on:
10 Jul 2022 03:24 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
