
कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)
पूर्व सांसद और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्व महिला नेता के कविता 'तेलंगाना प्रजा जागृति' नाम से अब खुद की पार्टी बनाना चाहती हैं। चुनाव आयोग की ओर से आई बाधाओं को लेकर कविता ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कविता की दलील सुनने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि वह कविता की पॉलिटिकल पार्टी तेलंगाना प्रजा जागृति के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल की गई एप्लीकेशन पर जल्द से जल्द विचार करे और फैसला करे।
यह मामला जस्टिस अमित बंसल के सामने आया, जिन्होंने पोल बॉडी को कविता की एप्लीकेशन पर जल्द से जल्द फैसला करने का निर्देश देने के बाद पिटीशन का निपटारा कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने प्रोसेस के लिए कोई खास टाइमलाइन तय करने से मना कर दिया।
कविता ने हाई कोर्ट में यह आरोप लगाते हुए अर्जी दी कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 के सेक्शन 29A के तहत पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 23 जनवरी की उनकी एप्लीकेशन बिना किसी प्रोग्रेस के पेंडिंग पड़ी है।
कविता ने आगे कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 23 फरवरी को बताई गई कमियों पर जवाब देने के बावजूद, कमीशन ने कोई और कदम नहीं उठाया।
रजिस्ट्रेशन को लेकर जल्दी विचार करने पर जोर देते हुए कविता के वकील ने कहा कि तेलंगाना में कुछ ही दिनों बाद लोकल बॉडी चुनाव होने वाले हैं।
वकील ने कहा कि जिला परिषद टेरिटोरियल कॉन्स्टिट्यूएंसी और मंडल परिषद टेरिटोरियल कॉन्स्टिट्यूएंसी में चुनाव होने हैं। इसकी अधिसूचना अप्रैल के बीच में जारी होने की उम्मीद है, जिससे समय पर रजिस्ट्रेशन जरूरी हो जाता है।
पिटीशनर ने चुनाव आयोग को चार हफ्ते के तय टाइमफ्रेम में एप्लीकेशन पर फैसला करने का निर्देश देने की मांग की। उधर, चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए एडवोकेट संजय वशिष्ठ ने कोर्ट को बताया कि एप्लीकेशन पर जल्द से जल्द विचार किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने सख्त डेडलाइन की रिक्वेस्ट का विरोध किया, यह बताते हुए कि कमीशन अभी पूरे देश में चुनाव कराने में लगा हुआ है।
वहीं, दलीलों पर ध्यान देते हुए कोर्ट ने ECI को कविता की एप्लीकेशन पर तेजी से विचार करने का निर्देश दिया, लेकिन कोई खास टाइम लिमिट तय करने से परहेज किया।
कविता पहले अपने पिता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा शुरू की गई पार्टी 'बीआरएस' से जुड़ी थीं। उन्हें सितंबर 2025 में अंदरूनी मतभेदों के बाद पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और अपना खुद का पॉलिटिकल प्लेटफॉर्म बनाने का मन बनाया।
तब से, वह तेलंगाना जागृति के बैनर तले पब्लिक इशूज पर एक्टिव रही हैं और अब राज्य में आने वाले चुनाव से पहले अपनी पार्टी का फॉर्मल रजिस्ट्रेशन करवाना चाहती हैं।
Published on:
19 Mar 2026 07:20 pm
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