8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

DK Shivakumar vs Siddaramaiah: सत्ता संघर्ष चरम पर? सिद्धारमैया-शिवकुमार खींचतान के बीच कांग्रेस विधायकों की अहम बैठक

Congress Internal Rift: कर्नाटक में मुख्यमंत्री Siddaramaiah और डिप्टी सीएम D. K. Shivakumar के बीच पावर शेयरिंग को लेकर खींचतान तेज हो गई है। इस पर बेंगलुरु में 30 कांग्रेस विधायकों की बैठक के बाद सत्ता परिवर्तन की अटकलें और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Satya Brat Tripathi

•

Updated: 27 Feb 2026, 1:14 PM IST

DK Shivakumar and Siddaramaiah

DK Shivakumar and Siddaramaiah (Photo - IANS)

Karnataka Congress Power Sharing Row: कर्नाटक में पावर शेयरिंग को लेकर कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (D. K. Shivakumar) के बीच खींचतान अब जगजाहिर हो चुकी है। राज्य के दो शीर्ष कांग्रेस नेताओं के इस सत्ता संघर्ष के बीच बेंगलुरु के एक निजी होटल में दो मंत्रियों समेत 30 कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। खास बात यह रही कि ये मंत्री और विधायक एक कांग्रेस नेता की जन्मदिन पार्टी के बहाने एकत्र हुए थे।

बैठक में शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष पर चर्चा हुई। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के संभावित फैसले को लेकर शिवकुमार समर्थक विधायकों ने रणनीति पर मंथन किया। बैठक में कदलूर उदय के मंत्री डी. सुधाकर, मगदी के बालकृष्ण, रवि गनीगा, सी.पी. योगेश्वर और बसवराज शिवगंगा मौजूद रहे। इसके अलावा शरथ बचेगौड़ा, नयामा मोत्तम्मा, प्रकाश कोलिवाडा, अनेकल शिवन्ना और वेंकटेश पावागाडा भी शामिल हुए।

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब 20 से अधिक कांग्रेस विधायक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर गए हुए थे। विदेश यात्रा पर गए विधायकों में कुछ को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का करीबी माना जाता है। इन विधायकों के 1 मार्च को बेंगलुरु लौटने की उम्मीद है। सिंधनूर के विधायक हंपनगौड़ा बदरली ने इसे पूरी तरह निजी दौरा बताया, जबकि कुछ सूत्र इसे कृषि संबंधी अध्ययन यात्रा बता रहे हैं।

क्या था पावर शेयरिंग फॉर्मूला?

डीके शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया के साथ ढाई-ढाई साल का पावर शेयरिंग समझौता कराया था। सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। पिछले वर्ष उनके ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि सिद्धारमैया समर्थकों का कहना है कि ऐसा कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ था।

इसी मुद्दे को लेकर राज्य के दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच सत्ता को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है। हाल ही में डी.के. शिवकुमार ने दिल्ली जाकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात भी की थी। हालांकि सार्वजनिक मंचों पर पार्टी के नेता इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी कहने से बचते रहे हैं।