MCD standing committee election 23 फरवरी को दिल्ली एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव होना था। पर अब शुक्रवार को होगा। दिल्ली एमसीडी मेयर ने कहाकि, उन्होंने फिर से लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया। यह शर्मनाक है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली एमसीडी मेयर का चुनाव हो ही गया। बुधवार को आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार शैली ओबरॉय एमसीडी मेयर चुन ली गई। आम आदमी पार्टी के ही आले मोहम्मद इकबाल डिप्टी मेयर बन चुके हैं। पर अभी भी स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव का पेंच फंसा हुआ है। 22 फरवरी को हुए हंगामे की वजह से स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव नहीं हो पाया था। फिर आज सुबह 23 फरवरी को स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव होना था। लेकिन आज भी एमसीडी सदन शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। तो इस पर दिल्ली की नई मेयर शैली ओबरॉय ने भाजपा पर हमला करते हुए कहाकि, उन्होंने सदन का सम्मान नहीं किया, उन्होंने फिर से लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया। यह शर्मनाक है। हम कल भी शांतिपूर्ण चुनाव की उम्मीद कर रहे हैं। हम क्रॉस वोटिंग से नहीं डरते, दिल्ली के लोगों ने हमें जनादेश दिया है। वे(BJP) चुनाव हार गए हैं, इसलिए वे डरे हुए हैं।
हम संविधान और डीएमसी एक्ट के अनुसार चलाएंगे सदन : शैली ओबेरॉय
जीत के बाद शैली ओबेरॉय ने कहा कि, आप सबने मुझे चुनकर दिल्ली के मेयर पद पर बिठाया है। दिल्ली की जनता ने दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर बनाने का सपना देखा है, हम सबको मिलकर इसके लिए प्रयास करना होगा। हम संविधान और डीएमसी एक्ट के अनुसार सदन को चलाएंगे। और आप सब लोग भी उसमे सहयोग करेंगे सदन की गरिमा को बनाए रखेंगे।
सीएम आश्वस्त करें कि, चुनाव होने देंगे या नहीं
एमसीडी सदन में स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव शुक्रवार तक के लिए टाल पर दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि, जिस दिन माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया था उसके तुरंत बाद से भाजपा की ओर से मैंने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आश्वस्त करें कि आम आदमी पार्टी, महापौर एवं उप महापौर के बाद स्थाई समिति का चुनाव होंने देगी।
अब भाजपा जनता और कोर्ट से करेगी गुहार
आगे प्रवीण शंकर कपूर ने कहाकि, अब जिस तरह आम आदमी पार्टी ने महापौर चुनाव पहले फोन का प्रयोग कर फिर दर्शक दीर्घा से बोतलें फिकवा कर बाधित किया, उससे साफ है कि आम आदमी पार्टी की मंशा ही नही थी स्थाई समिति सदस्यों का चुनाव कराने की, क्योंकि उसमें वह हार रहे हैं। आवश्यकता होगी तो भाजपा अब जनता के बीच तो जाएगी ही न्यायालय भी जा सकती है।