Delhi Ordinance Matter विपक्षी एकता पर नजर लग सकती है। नीतीश कुमार का प्रयास संकट में फंस सकता है। ऐसा लगता है दिल्ली के अधिकारियों के स्थानांतरण पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी संयोजक व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को कांग्रेस का साथ न मिल सकेगा। वजह है दिल्ली-पंजाब कांग्रेस के नेताओं को केजरीवाल का साथ नापंसद है। बताया जा रहा है कि, इन दो प्रदेशों के नेताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया है, और फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया है।
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर के खिलाफ केंद्र सरकार के विधेयक के खिलाफ आम आदमी पार्टी को समर्थन देने के मुद्दे पर चर्चा की। दिल्ली और पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने साफ कह दिया कि इस मुद्दे पर पार्टी अरविंद केजरीवाल की पार्टी के समर्थन में नहीं दिखनी चाहिए। इस मुलाकात में दोनों प्रदेश की कांग्रेस कमेटियों ने आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने की भी सलाह दी। पर आखिरी फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है।
केजरीवाल ने मांगा समय
केंद्र सरकार के लाए जा रहे अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार विपक्षी नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। इस बीच अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगने के लिए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से भी समय मांगा, जिसको लेकर कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली और पंजाब के नेताओं संग बैठक की।
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अगर वैचारिक मतभेद तो गठबंधन कैसा - नवजोत सिंह
2024 में आम आदमी पार्टी से गठबंधन के सवाल पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू बोले अगर वैचारिक मतभेद हैं तो गठबंधन नहीं बन सकता है। बैठक में क्या हुआ वह गोपनीय है उस पर कांग्रेस अध्यक्ष या राहुल गांधी जी बात करेंगे।
खरगे की पंजाब के नेताओं संग हुई बैठक
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब के नेताओं के साथ बैठक की। जिसमें पार्टी के नेता प्रताप सिंह बाजवा, नवजोत सिंह सिद्धू, राजा वारिंग, मनीष तिवारी, हरीश चौधरी, आशु और अन्य ने हिस्सा लिया।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता खरगे से मिले
इससे पूर्व बैठक में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी, पूर्व अध्यक्ष जेपी अग्रवाल, अजय माकन, सुभाष चोपड़ा, अरविंदर सिंह लवली के साथ मनीष चतरथ, देवेंद्र यादव और हारून यूसुफ को बुलाया गया था।
अध्यादेश पर अपना समर्थन से माकन का इनकार
बैठक में, पार्टी नेतृत्व को बताया गया कि आप के साथ कोई गठबंधन नहीं होना चाहिए, जबकि माकन ने कहा कि पार्टी को अध्यादेश पर अपना समर्थन नहीं देना चाहिए।
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सीएम केजरीवाल के अनुरोध पर कांग्रेस कर रही है विचार
सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा था, भाजपा सरकार द्वारा पारित अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक अध्यादेश के खिलाफ संसद में कांग्रेस का समर्थन लेने और संघीय ढांचे पर हमले पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी जी से मिलने का समय मांगा है। आप नेता के अनुरोध के बाद कांग्रेस सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी अभी भी उनके अनुरोध पर विचार कर रही है।