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अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई
अधिवक्ता विनीत जिंदल ने शिकायत में आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की जाति का हवाला देते हुए अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अविश्वास पैदा किया है। यह आईपीसी 121,153-ए, 505 और 34 की धाराओं के तहत अपराध है। अभी इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की हुई है।
इन धाराओं के बारे में जानिए
इन नेताओं पर IPC की धारा 34, 121, 153-ए और 505 के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है। इनमें से IPC 121 भारत सरकार के खिलाफ युद्ध के लिए उकसान से संबंधित है। इसमें दोषी पाए जाने पर फांसी या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। IPC-34 का मतलब है कि कई लोग समान विचार के साथ एक जैसा अपराध करें।
धारा 154-ए विभिन्न समूहों के बीच जाति, धर्म, जन्म स्थान, निवास या भाषा के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित है। IPC की धारा 505 सोशल मीडिया पर फर्जी खबर फैलाने के बारे में है। इसके तहत आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।