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Delhi Blast: तीन डॉक्टर विदेशी आकाओं के संपर्क में थे, पाक-तुर्की कनेक्शन से खुलासा–NIA की जांच तेज !

Delhi Blast: दिल्ली लाल किले के पास कार विस्फोट में 13 जनों की की मौत के बाद जांच में पाक-तुर्की आकाओं का कनेक्शन सामने आया है।

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भारत

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MI Zahir

Nov 17, 2025

NMC action against doctors in the Delhi blast case

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में डॉक्टरों पर NMC की कार्रवाई (Image: Patrika.com)

Delhi Blast:दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार विस्फोट (Red Fort Car Explosion) ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच से इस केस में कुछ नये खुलासे हुए हैं। घटना के पाक-तुर्की कनेक्शन से नई बातें पता चली हैं। इधर एनआईए ने मामले की जांच तेज कर दी है। ध्यान रहे कि एक हुंडई i20 कार में विस्फोट से 13 लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हो गए। थे यह घटना पुरानी दिल्ली के व्यस्त इलाके में हुई थी, जहां ट्रैफिक चरम पर था। पुलिस ने शुरुआत में इसे दुर्घटना माना, लेकिन फोरेंसिक जांच ने इसे आतंकी साजिश करार दिया। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA Delhi Probe) ने यह केस अपने हाथ में ले लिया और अब हर पहलू से गहराई के साथ जांच की जा रही है।

विस्फोट का मंजर और शुरुआती जांच (Delhi Blast Suspects)

सुबह करीब 9 बजे सुभाष मार्ग पर लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास कार रुकी। अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। आंखों देखी के मुताबिक, धुआं और आग की लपटें आसमान छूने लगीं। बचाव दल तुरंत पहुंचे, लेकिन अफरा-तफरी के कारण कई लोग उसमें फंस गए। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि वह कार चला रहा था डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन-नबी जम्मू-कश्मीर (Umar Un Nabi Bomber) का रहने वाला एक डॉक्टर था। उसके शव के टुकड़े इकट्ठे कर जांच की गई। यह विस्फोट अमोनियम नाइट्रेट और ईंधन तेल (ANFO) से भरा IED था, जो आतंकी हमलों में इस्तेमाल होता है।

संदिग्धों की गिरफ्तारी और नेटवर्क (Foreign Handlers JeM)

एनआईए की छापेमारी में दो और डॉक्टर गिरफ्तार हुए – डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई (पुलवामा) और डॉ. अदील माजिद राथर (काजीगुंड)। ये तीनों जम्मू-कश्मीर से थे और मेडिकल प्रोफेशन में सक्रिय थे। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि ये लोग पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़े थे। उनके पास से फरीदाबाद में किराये के फ्लैट्स से 2,900 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद हुए, जो इनके नाम पर रजिस्टर्ड थे। वहीं कानपुर से नौ और संदिग्ध हिरासत में लिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'गहरी साजिश' करार देते हुए कड़ी कार्रवाई करने का ऐलान किया ​है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "दोषियों को नहीं बख्शेंगे, उन्हें सख्त सजा मिलेगी।"

विदेशी आकाओं का कनेक्शन

एजेंसियों की जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा विदेशी हैंडलर्स का सामने आया। संदिग्धों के फोन और लैपटॉप से सेशन, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर मैसेज मिले। इनके पीछे कोड नेम 'डॉ. ओकासा' (तुर्की मूल) और 'डॉ. हाशिम उर्फ आरिफ निसार' (पाकिस्तानी) थे। एजेंसियों को शक है कि ये दोनों एक ही शख्स हो सकते हैं, जो क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशन चला रहा था। निसार जैश-ए-मोहम्मद का कुख्यात ऑपरेटिव माना जाता है, जबकि ओकासा तुर्की से फंडिंग और ट्रेनिंग का लिंक जोड़ता है। संदिग्धों ने ड्राफ्ट ई मेल और प्राइवेट सर्वर से कोडेड बातें कीं। यह 'व्हाइट-कॉलर टेरर नेटवर्क' का हिस्सा था, जहां प्रोफेशनल्स को भर्ती किया जाता था।

जांच का दायरा और सुरक्षा उपाय

एनआईए ने यूएपीए और एक्सप्लोसिव्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की। मल्टी-एजेंसी टीम जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और UP में सर्च चला रही है। लाल किला मेट्रो स्टेशन बंद रहा और आसपास सिक्योरिटी बढ़ा दी गई। पूर्व जेकेएम सीएम मेहबूबा मुफ्ती ने कश्मीरी डॉक्टरों को जोड़ने पर चिंता जताई। अमेरिका व ब्रिटेन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यह घटना दिल्ली को हाई-अलर्ट पर ला रही है, जहां अपराधियों के लिए पुराने शहर की संकरी गलियां हमलों के लिए आसान टारगेट हैं। जांच आगे बढ़ने से और भी राज खुल सकते हैं, लेकिन 13 जिंदगियां लौटाना नामुमकिन है।