7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग ने पकड़ा जोर, लेह में कड़कड़ाती ठंड में सड़कों पर उतरे हजारों लोग

Ladakh full State Demands: विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त रूप से कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और एपेक्स बॉडी लेह (ABL) ने किया था। लेह में कड़कड़ाती ठंड के बावजूद इस प्रदर्शन में महिलाएं समेत हजारों स्थानीय लोग शामिल थे।

less than 1 minute read
Google source verification
Ladakh full State Demands

Ladakh full State Demands

लद्दाख को छठी अनुसूची के तहत पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर शनिवार को हजारों लोगों ने लेह में मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त रूप से कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और एपेक्स बॉडी लेह (ABL) ने किया था। लेह में कड़कड़ाती ठंड के बावजूद इस प्रदर्शन में महिलाएं समेत हजारों स्थानीय लोग शामिल थे।

ये हैं 4 प्रमुख मांगें

ABL और KDA के प्रतिनिधियों के साथ दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बावजूद शनिवार को प्रदेश में बंद का आह्वान किया गया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख 4 मांगें हैं। पहली मांग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, दूसरी, संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा, तीसरी, लद्दाख के युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण और चौथी में लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग संसदीय क्षेत्र शामिल हैं। लद्दाख के लोगों का कहना है कि वे केंद्र शासित प्रदेश में नौकरशाहों के एक अंतहीन शासन के तहत नहीं रह सकते। वह पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं, जिससे वे शासन के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकें।

ये भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भीड़ से बोला- 'भारत माता की जय', जबाव मिला ये...