script लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग ने पकड़ा जोर, लेह में कड़कड़ाती ठंड में सड़कों पर उतरे हजारों लोग | Demand to make Ladakh a full state, thousands of people took to the streets in Leh | Patrika News

लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग ने पकड़ा जोर, लेह में कड़कड़ाती ठंड में सड़कों पर उतरे हजारों लोग

locationनई दिल्लीPublished: Feb 04, 2024 03:24:36 pm

Submitted by:

Akash Sharma

Ladakh full State Demands: विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त रूप से कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और एपेक्स बॉडी लेह (ABL) ने किया था। लेह में कड़कड़ाती ठंड के बावजूद इस प्रदर्शन में महिलाएं समेत हजारों स्थानीय लोग शामिल थे।

Ladakh full State Demands
Ladakh full State Demands

लद्दाख को छठी अनुसूची के तहत पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर शनिवार को हजारों लोगों ने लेह में मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त रूप से कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और एपेक्स बॉडी लेह (ABL) ने किया था। लेह में कड़कड़ाती ठंड के बावजूद इस प्रदर्शन में महिलाएं समेत हजारों स्थानीय लोग शामिल थे।

विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

ये हैं 4 प्रमुख मांगें

ABL और KDA के प्रतिनिधियों के साथ दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बावजूद शनिवार को प्रदेश में बंद का आह्वान किया गया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख 4 मांगें हैं। पहली मांग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, दूसरी, संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा, तीसरी, लद्दाख के युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण और चौथी में लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग संसदीय क्षेत्र शामिल हैं। लद्दाख के लोगों का कहना है कि वे केंद्र शासित प्रदेश में नौकरशाहों के एक अंतहीन शासन के तहत नहीं रह सकते। वह पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं, जिससे वे शासन के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकें।

19 फरवरी को केंद्र के साथ होगी दूसरे दौर की वार्ता

केंद्र सरकार ने पहले ही लद्दाख के लोगों की मांगों पर ध्यान देते हुए राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है। इस समिति की स्थानीय प्रतिनिधियों से पहले दौर की वार्ता 4 दिसंबर, 2023 को हुई थी। अब दूसरे दौर की वार्ता 19 फरवरी, 2024 को होनी सुनिश्चित हुई है। बता दें कि लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा हुआ करता था। आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद अगस्त 2019 में तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया गया था। लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था।
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