
SpiceJet
भारतीय एविएशन कंपनी स्पाइस जेट में पिछले 18 दिनों में 8 मामले तकनीकी खराबी के मामले में सामने आए हैं। इससे इस कंपनी द्वारा यात्रियों को प्रदान की जा रहीं सुरक्षित कुशल और विश्वसनीय सेवाओे पर सवाल उठने लगे हैं। इसी संबंध में अब नागरिक उड्डयन महानियंत्रक (DGCA) ने स्पाइस जेट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कंपनी को 3 हफ्ते का समय दिया गया है।
3 हफ्तों में मांगा जवाब
दरअसल, DGCA ने कहा है कि एविएशन कंपनी स्पाइसजेट विमान नियम, 1937 के तहत सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय हवाई सेवाएं स्थापित करने में विफल रही है। कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए DGCA ने कहा है कि घटनाओं की समीक्षा से पता चलता है कि खराब आंतरिक सुरक्षा निरीक्षण और स्पेयर पार्ट्स के आपूर्तिकर्ताओं को नियमित आधार पर भुगतान न किये जाने से स्पेयर पार्ट्स में कमी आई है, इन कारणों से सुरक्षा मार्जिन में गिरावट आई है। इस नोटिस का जवाब देने के लिए नागरिक उड्डयन महानियंत्रक स्पाइसजेट को 3 हफ्तों का समय दिया है।
18 दिनों में 8 घटनाएं
बता दें कि पिछले 18 दिनों में स्पाइसजेट की फ्लाइटस में तकनीकी खामियों से जुड़ी 8 घटनाएं सामने आए हैं। एक घटना में चीन जाने वाला स्पाइसजेट मालवाहक विमान कोलकाता लौट आया। दरअसल, जब उसके पायलट को पता चला कि उसका मौसम रडार काम नहीं कर रहा हैतो उसने ये निर्णय लिया।
मंगलवार को दिल्ली-दुबई उड़ान को फ्यूल इंडिकेटर में खराबी होने के बाद फ्लाइट SG-11 की पाकिस्तान के कराची में इमरजेंसी लैंडिंग कराई थी।
गुजरात के कांडला से उड़ान भरने वाले एक अन्य विमान में, विंडशील्ड में दरार आ गई, जिससे पायलट को मुंबई में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। इसी तरह 2 जुलाई, 19 जून, 28 मई, 3 मई को दो और 1 मई को भी स्पाइसजेट की फ्लाइटस में तकनीकी खामियाँ सामने आई थीं।
Updated on:
6 Jul 2022, 4:11 PM IST
Published on:
6 Jul 2022, 4:03 PM IST
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