
Digvijaya Singh On Surgical Strikes After Pulwama Terror Attack, Jairam Ramesh told personal views
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान आज लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सरकार की ओर से झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि "वे सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात करते हैं कि हमने इतने लोगों को मार गिराए, लेकिन प्रमाण कुछ नहीं है। वे झूठ का पुलिंदा चलाकर राज कर रहे हैं।" इसके साथ ही 2019 के पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि पुलवामा हमले से पहले आधिकारियों ने कहा था कि सेना के जवानों को एयरक्राफ्ट से मूवमेंट कराया जाए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी नहीं माने। बता दें कि इस आतंकी हमले में 40 से अधिक सैनिक शहीद हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ली थी।
जयराम रमेश ने दिग्विजय सिंह को बताया व्यक्तिगत विचार
सर्जिकल स्ट्राइक वाले दिग्विजय सिंह के बयान को जयराम रमेश ने व्यक्तिगत बताते हुए कांग्रेस पार्टी की ओर से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि "आज वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा व्यक्त किए गए विचार कांग्रेस पार्टी के नहीं, उनके व्यक्तिगत विचार हैं। 2014 से पहले यूपीए सरकार ने भी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। राष्ट्रहित में सभी सैन्य कार्रवाइयों का कांग्रेस ने समर्थन किया है और आगे भी समर्थन करेगी।"
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दिग्विजय सिंह के बयान पर साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दिग्विजय सिंह के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि "भारी मन से हमें कहना पड़ रहा है कि राहुल गांधी भले ही भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी भारत तोड़ो के बारे में है। राहुल गांधी और सभी कांग्रेस नेता सुर्खियों में बने रहने के लिए गैर जिम्मेदाराना बयान देते हैं। भारत अपनी सेना का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "जब भी हमारी वीर सेना अपना पराक्रम दिखाती है तो सबसे अधिक दर्द उस देश को होता है जिसको सबक सिखाया जाता है, जो विश्व में अपनी आतंकी गतिविधियों को लेकर जाना जाता है। लेकिन यह दुखद है कि दर्द भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को होता है।"
पहले भी कांग्रेस पुलवामा हमले और सर्जिकल स्ट्राइक को साध चुकी है निशाना
जम्मू-कश्मीर के उरी में एक सैन्य ठिकाने पर हुए आतंकी हमले में 18 सैनिकों के शहीद हुए थे, जिसके बाद भारत ने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। वहीं फरवरी 2019 में पुलवामा में सुरक्षा काफिले पर हुए हमले के लिए पाकिस्तान आतंकी ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद ने जिम्मेदारी ली थी। इससे पहले भी पुलवामा हमले और सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस पहले भी सवाल उठा चुकी है।
यह भी पढ़ें: दिग्विजय सिंह बोले- जम्मू-कश्मीर की समस्या का निदान नहीं करना चाहती है सरकार
Published on:
23 Jan 2023 08:58 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
