
कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को त्रस्त कर रखा है। बीते 2-3 वर्षों में करोड़ों लोगों की जान गई है। भारत में भी लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। देशभर में महामारी के समय में लोगों ने घरेलू नुस्खों के साथ ही कुछ दवाओं का खूब सेवन किया है। सर्दी, खासी बुखार से लेकर ताकत के लिए विटामिन की दवा खूब बिकी हैं। इनमें देसी दवा डोलो 650 दवा की मांग सबसे अधिक रही जिस कारण बिक्री के मामले में इस दवा ने एक बड़ा रिकार्ड कायम कर लिया है। कोरोना की तीसरी लहर में भी ये दवा खूब बिक रही है।
कितनी हुई बिक्री ?
डोलो 650 का उपयोग दर्द, दर्द और बुखार के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा ने क्रोसिन को भी पीछे छोड़ दिया है। देश में कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 से दिसंबर 2021 तक, केवल 20 महीनों में 567 करोड़ रुपए की 350 करोड़ डोलो 650 टैबलेट बिकी हैं। कोरोना की तीसरी लहर में भी ये दवा खूब बिक रही है। आइए जानते हैं ये दवा काम कैसे करती है।
कैसे करती है काम ?
डोलो टैबलेट बुखार और दर्द के लिए जिम्मेदार शरीर में कुछ केमिक्लस (प्रोस्टाग्लैंडीन) को बनने से रोकता है जो बुखार, सूजन और दर्द की अनुभूति के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार केमिकल को भी बनने से रोकता है।
या यूं कहें कि डोलो-650 टैबलेट दिमाग से निकलने वाले दर्द के सिग्नल की तीव्रता को कम कर देता है। यह सिरदर्द, माइग्रेन, नसों के दर्द, दांत दर्द, गले में खराश, पीरियड्स (मासिक धर्म) के दर्द, गठिया और मांसपेशियों में दर्द के कारण होने वाले दर्द से भी राहत दिलाने में कारगर है।
बनी दूसरी सबसे लोकप्रिय बुखार रोधी दवा
डोलो वर्तमान में भारत में दूसरा सबसे लोकप्रिय एंटी-फीवर और एनाल्जेसिक टैबलेट है, जिसका टर्नओवर 2021 में 3.1 बिलियन रुपये है।
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Updated on:
19 Jan 2022, 4:56 PM IST
Published on:
19 Jan 2022, 4:52 PM IST
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