
Pradhan Mantri Awas Yojana: देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई) के लिए चल रहे सर्वेक्षण में ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने मोबाइल फोन से खुद का सर्वे कर आवास पा सकेंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक शिकायतें मिली थीं कि सर्वे करने वालों ने कुछ लोगों को इसमें शामिल नहीं किया। ऐसी शिकायतें दूर करने के लिए ‘आवास प्लस’ ऐप में प्रावधान किया गया है कि जो लोग सर्वेक्षण में छूट गए, वे खुद का सर्वेक्षण कर ऐप पर ‘अपलोड’ कर सकते हैं।
सबसे पहले उनका आधार के जरिए सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही ऐप आगे फीडिंग की इजाजत देगा। बाद में व्यक्तिगत विवरण, बैंक खाता, जॉब कार्ड का विवरण फीड करने के साथ आवास का फोटो अपलोड करना होगा। एक व्यक्ति एक ही बार खुद का सर्वेक्षण कर सकता है। देशभर में सर्वेक्षण के लिए 2.60 लाख लोगों को लगाया गया है। इन्हें हाल ही प्रशिक्षण दिया गया था। सर्वे में पंचायत सदस्यों को भी शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों को पक्के मकान देने के मकसद से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बुधवार को आठ साल पूरे हो गए।
अधिकारी ने बताया कि SECC-2011 की दो पिछली सूचियों और पहले आवासप्लस सर्वेक्षण के अनुसार, 34 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में से लगभग 20 ने ग्रामीण आवास वितरण में पूर्ण संतृप्ति हासिल कर ली है। सर्वेक्षण इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि 100% घर महिलाओं या संयुक्त धारकों को स्वीकृत किए गए हैं। PMAY-G के पहले चरण में, लगभग 74% घर या तो महिला प्राप्तकर्ताओं या संयुक्त मालिकों के नाम पर दिए गए हैं। प्रत्येक घर के निर्माण की इकाई लागत मैदानी इलाकों के लिए 120,000 रुपये और पहाड़ियों के लिए 130,000 रुपये निर्धारित की गई है, साथ ही MGNREGA और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण जैसी योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से अतिरिक्त 40,000 रुपये उपलब्ध हैं।
Published on:
21 Nov 2024 08:41 am
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