12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अदानी डिफेंस का बनाया 120 करोड़ का ड्रोन क्रैश, नौसेना पर होगा क्या असर?

Drishti 10 Starliner Drone Crash: अडानी डिफेंस और एयरोस्पेस द्वारा निर्मित दृष्टि 10 स्टारलाइनर ड्रोन गुजरात के पोरबंदर तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

2 min read
Google source verification

Drishti 10 Starliner Drone Crash: अडानी डिफेंस और एयरोस्पेस द्वारा निर्मित दृष्टि 10 स्टारलाइनर ड्रोन गुजरात के पोरबंदर तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय नौसेना को सौंपे जाने से पहले स्वीकृति परीक्षणों से गुजर रहा था। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुर्घटना सोमवार, यानी 13 जनवरी को हुई। बताया जा रहा है कि दृष्टि-10 ने उड़ान के बीच में ही नियंत्रण खो दिया और पानी में गिर गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में जनहानि नहीं हुई। नौसेना पर इसका कोई वित्तीय असर नहीं पड़ेगा क्योंकि ये ड्रोन अभी तक डिलीवर नहीं हुआ है।

समुद्री निगरानी और टोही के लिए किया गया डिजाइन

इजराइली फर्म एल्बिट सिस्टम्स के हर्मीस 900 स्टारलाइनर पर आधारित दृष्टि 10 स्टारलाइनर को समुद्री निगरानी और टोही के लिए डिजाइन किया गया है। यह ड्रोन मध्यम ऊंचाई और लंबे समय तक टिकने वाला है। सूत्रों ने कहा कि परिचालन परीक्षणों से गुजरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने वाले ड्रोन को निर्माता द्वारा संचालित किया गया था और उसे बरामद कर लिया गया है।

ड्रोन क्रैश के कारणों की जांच जारी

दुर्घटना ने दृष्टि 10 की परिचालन विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि खराबी के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है, प्रारंभिक आकलन संभावित तकनीकी समस्याओं की ओर इशारा करते हैं।

दृष्टि 10 की लागत 120 से 145 करोड़ रुपए

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसकी लागत 120 करोड़ से 145 करोड़ रुपए बताई जा रही है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 120 करोड़ रुपये की लागत वाले इस ड्रोन अभी तक नौसेना को डिलीवरी नहीं मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक सिस्टम की कीमत लगभग 145 करोड़ रुपए बताई गई है।

सेना और नौसेना ने दिया 4 ड्रोन का ऑर्डर

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में सेना और नौसेना ने आपातकालीन खरीद प्रावधानों के तहत दो-दो ड्रोन का ऑर्डर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, पहला दृष्टि-10 पिछले साल जनवरी 2024 में नौसेना को दिया गया था, जबकि सेना को यह जून 2024 में मिला था। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हुआ दृष्टि 10 भारतीय नौसेना के लिए था।

यह भी पढ़ें- ‘सूरत’, ‘नीलगिरि’ और ‘वाघशीर’ नौसेना के बेड़े में शामिल, समुद्र में छूटेंगे दुश्मन देशों के पसीने

जानिए दृष्टि 10 स्टारलाइनर ड्रोन की खासियत

दृष्टि 10 स्टारलाइनर ड्रोन एक मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) है। इसका निर्माण अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा किया गया था। इसको इजरायली रक्षा फर्म एल्बिट सिस्टम्स से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ हैदराबाद की सुविधा में बनाया गया था।

सभी मौसमों में काम करने वाला, मध्यम ऊंचाई वाला, लंबे समय तक टिकने वाला ड्रोन एक उन्नत खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) प्लेटफॉर्म है। यह ड्रोन 450 किलोग्राम पेलोड के साथ 30,000 फीट की ऊंचाई पर 36 घंटे उड़ने में सक्षम है।

यह STANAG 4671 प्रमाणन वाला एकमात्र मानव रहित सैन्य प्लेटफॉर्म है। दृष्टि 10 (स्टारलाइनर) क्षितिज से परे लगातार मल्टी-पेलोड, पूरी तरह से स्वायत्त क्षमता और सैटकॉम-आधारित संचालन है। पेलोड में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड सेंसर, हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर आदि शामिल है।


बड़ी खबरें

View All

बिहार चुनाव

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग