
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद अब राज्यसभा से भी पास हो गया है।
बहस के दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने अपने भाषण में कहा, "पहले मुस्लिम समाज के प्रतीक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, जारिक हुसैन, मजरूह सुल्तानपुरी, साहिर लुधियानवी और कैफी आजमी जैसे लोग थे, लेकिन आज मुस्लिम समाज का नेतृत्व मुख्तार अंसारी, इशरत जहां, याकूब मेनन और अतीक अहमद जैसे लोगों से जोड़ा जाता है।" उनके इस बयान पर विपक्षी सांसदों ने कड़ा ऐतराज जताया।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने त्रिवेदी के बयान को निंदनीय करार देते हुए कहा, "यह मुसलमानों के खिलाफ पूरी तरह आपत्तिजनक है।" इसके बाद उन्होंने गुजरात दंगों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री पर निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने कहा, "गुजरात में हुए दंगों के लिए जिम्मेदार कौन था? जब दंगे हुए, तब अमित शाह वहां गृह मंत्री थे। उन्हें अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।"
इसके जवाब में अमित शाह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, "दिग्विजय सिंह को मेरे नाम का ऐसा डर है कि उन्हें हर जगह सिर्फ मैं ही दिखाई पड़ता हूं। गुजरात में दंगे शुरू होने के 18 महीने बाद मैं गृह मंत्री बना था। जब दंगे हुए, तब मैं उस पद पर नहीं था।"
बता दें कि वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में 2 अप्रैल को पेश किया गया था। करीब 12 घंटे की लंबी चर्चा और मतविभाजन के बाद देर रात 2 बजे इसे पारित कर लिया गया। विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। राज्यसभा में इस विधेयक पर मतविभाजन में पक्ष में 128 और विपक्ष के 95 मत पड़े थे, लेकिन विपक्ष में पड़े 95 में से दो मत निरस्त करने के बाद 93 मत रह गये।
Updated on:
04 Apr 2025 11:46 am
Published on:
04 Apr 2025 11:45 am
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