
TVK पर स्टालिन का हमला (ANI)
DMK vs TVK controversy: तमिलनाडु की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब DVAC (सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय) ने डीएमके विधायक और पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस छापेमारी के बाद सत्तारूढ़ टीवीके (TVK) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ई.वी. वेलु पूरी तरह जांच में सहयोग कर रहे हैं और वे इस मामले का सामना कानूनी तरीके से करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि डीएमके के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक प्रतिशोध के मामलों में आज तक अदालत में कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया है।
अपने पोस्ट में स्टालिन ने कड़े शब्दों में कहा डीएमके ऐसी पार्टी नहीं है जो सत्तारूढ़ दल की धमकियों से डर जाए। हमने पहले भी बड़े दमन देखे हैं और हम इसका सामना करेंगे। अंत में हम विजयी होकर निकलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि डीएमके नेताओं के खिलाफ लगाए गए कई आरोप अदालत में सिद्ध नहीं हो सके हैं।
गुरुवार को DVAC की टीमों ने तिरुवन्नामलाई जिले में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु के आवास और उनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर की गई। करीब 35 अधिकारियों की टीम ने सात अलग-अलग समूहों में बंटकर यह ऑपरेशन चलाया।
अधिकारियों ने इन संस्थानों में छात्रों और रिकॉर्ड्स की भी जांच की, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
रिपोर्टों के अनुसार, ई.वी. वेलु पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। इसी आधार पर DVAC ने यह कार्रवाई शुरू की है।
ई.वी. वेलु सात बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने तिरुवन्नामलाई और थंदारामपेट सीटों का प्रतिनिधित्व किया है। वे 2006–2011 के दौरान खाद्य मंत्री और 2021 में लोक निर्माण एवं राजमार्ग मंत्री भी रह चुके हैं।
Updated on:
25 Jun 2026 11:10 am
Published on:
25 Jun 2026 11:04 am
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