
पीएम नरेंद्र मोदी(फोटो-IANS)
PM Narendra Modi Tweet on Emergency: पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस बताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि आज हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे काले दौर में से एक यानी आपतकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती से रक्षा की।
उन्होंने आगे लिखा कि आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा हमला था। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताएं छीन ली गई थीं। अभिव्यक्ति के आजादी पर रोक लगा दी गई थी। राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और समाजसेवकों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन सभी संस्थाओं पर हमले किए गए, जो हमारे लोकतंत्र की नींव है। पीएम मोदी ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान उन अनगिनत नागरिकों ने भी असाधारण साहस दिखाया। जिन्होंने निरंकुश सरकार के सामने चुप रहने से इनकार कर दिया। उन नागरिकों ने हमारे संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा।
पीएम मोदी ने लिखा कि हम सभी के लिए, हमारा संविधान 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है। हम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। अपने संविधान की भावना से प्रेरित होकर, हम एक ऐसा भारत बनाएंगे जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहे।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इमरजेंसी को लेकर लिखा कि उन सभी लोगों के साहस को भी सलाम करें जो संवैधानिक मूल्यों और आज़ादी की रक्षा के लिए डटकर खड़े हुए। इस दौर की याद हमें यह एहसास कराती है कि लोकतंत्र की रक्षा करना, उसे मजबूत बनाना और उसका सम्मान करना हर दिन जरूरी है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा कि यह वह काला अध्याय है, जब सत्ता के अहंकार में चूर कांग्रेस ने संविधान की आत्मा को कुचलते हुए देश पर आपातकाल थोप दिया था। मौलिक अधिकार छीने गए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटा गया और लोकतंत्र को बंदी बना लिया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इमरजेंसी को लेकर लिखा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब इंदिरा गांधी और कांग्रेस पार्टी के सत्ता के अहंकार तथा लालच ने संविधान की आत्मा, प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार को कुचलने का प्रयास किया था।
संविधान हत्या दिवस के अवसर पर लोकतंत्र के उन सभी सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ, जिन्होंने आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। मोदी सरकार द्वारा 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का उद्देश्य इस काले अध्याय को राष्ट्र की स्मृति में जीवित रखना तथा यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान पर ऐसा आघात कभी दोबारा न कर सके।
Updated on:
25 Jun 2026 10:57 am
Published on:
25 Jun 2026 10:57 am
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