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ECI Notification: SIR शेड्यूल में बदलाव, आंध्र प्रदेश और हरियाणा के लिए नई तारीखें जारी, यहां देखें पूरी डिटेल

Special Intensive Revision Schedule: भारत निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। जिसके तहत अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
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भारत

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Anand Shekhar

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Mukul Kumar

Jul 14, 2026

SIR

Special Intensive Revision: भारत निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा के एसआईआर शेड्यूल में बड़ा बदलाव कर दिया है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की तारीखें अब पहले से अलग हैं।

इस बदलाव से दोनों राज्यों के करोड़ों लोगों को नई मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार करवाने का मौका मिलेगा। चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट और अनुरोध पर यह फैसला लिया है।

शेड्यूल बदलने की वजह

पहले का कार्यक्रम कुछ वजहों से टल गया। अब नई योग्यता तारीख 1 जुलाई 2026 तय की गई है। यानी इस तारीख को 18 साल पूरे करने वाले या अन्य पात्र लोग आसानी से नाम दर्ज करा सकते हैं। आयोग का मकसद है कि कोई भी योग्य वोटर सूची से बाहर न रहे।

नई तारीखें क्या हैं?

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची- 31 जुलाई 2026 को जारी होगी।
  • दावे और आपत्तियां- 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दर्ज किए जा सकेंगे।
  • दावों का निपटारा- 28 सितंबर 2026 तक पूरा होना है।
  • अंतिम मतदाता सूची- 31 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

क्या-क्या प्रक्रिया चलेगी?

इस दौरान ब्लू-डॉट, फॉर्म 6, 7, 8 जैसी प्रक्रियाएं तेजी से चलेंगी। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। आंध्र प्रदेश और हरियाणा दोनों ही राज्यों में आने वाले समय में बड़े चुनाव हो सकते हैं। सही और ताजा मतदाता सूची बिना किसी गड़बड़ी के लोकतंत्र की नींव है।

अगर नाम नहीं जुड़ा तो वोट नहीं डाल पाएंगे। आयोग ने साफ कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखते हुए तेजी से काम पूरा किया जाए। स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें। ऑनलाइन भी वोटर हेल्पलाइन या ऐप के जरिए आवेदन किए जा सकते हैं।

पिछले बदलावों का सबक

पिछले कुछ सालों में चुनाव आयोग ने कई बार ऐसी रिविजन की है। हर बार कुछ न कुछ दिक्कतें आईं जैसे दस्तावेजों की कमी, जागरूकता का अभाव या समय की कमी। इस बार समय थोड़ा बढ़ाया गया है ताकि कोई शिकायत न रहे।

आयोग का फोकस है कि अंतिम सूची बिल्कुल साफ-सुथरी और भरोसेमंद हो। ऐसे में जिनका नाम पहले से सूची में है, उन्हें भी एक बार चेक करना चाहिए कि पता, फोटो या कोई डिटेल तो गलत तो नहीं है। नए युवा मतदाता जल्दी से फॉर्म भरें। अगर किसी का नाम गलती से हट गया है तो आपत्ति दर्ज कराएं।