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Land For Job case: लालू परिवार की 6 करोड़ की संपत्ति जब्त, ED का बड़ा एक्शन

Land For Job case: नौकरी के बदले जमीन घोटाले के केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर बड़ा ऐक्शन लिया है। लालू परिवार से जुड़ी 6 करोड़ रुपये की संपत्ति को ED ने जब्त कर लिया है।

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 लालू परिवार की 6 करोड़ की संपत्ति जब्त, ED का बड़ा एक्शन

लालू परिवार की 6 करोड़ की संपत्ति जब्त, ED का बड़ा एक्शन

Land For Job case: नौकरी के बदले जमीन घोटाले के मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं है। ED ने जमीन के बदले नौकरी के केस में बिहार से पूर्व सीएम लालू यादव के परिवार से जुड़ी 6 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर ली है। ये संपत्तियां पटना और गाजियाबाद में बताई जा रही हैं। इस केस में लेकर राजद प्रमुख लालू यादव, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी पहले से ही आरोपित हैं, उनके खिलाफ जांच जारी है। हाल ही में CBI ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया था।


गलत तरीके से नौकरी देने का आरोप

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पर आरोप है कि UPA सरकार में रेल मंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को गलत तरीके से नौकरी देकर बेहद मामूली दाम पर अपने परिवार के सदस्यों के नाम से जमीन अर्जित करवाया। इस मामले में ED की कार्रवाई को लालू फैमिली के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लालू यादव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की यह तीसरी कार्रवाई है।

बता दें कि पहले भी दो बार लालू यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, बहन मीसा भर्ती और परिवार के सदस्यों के नाम की संपत्ति को जब्त किया जा चुका है। फ़िलहाल तो जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग छह करोड़ बताया गया है। लेकिन जानकारों की मानें तो ताजा बाजार में संपत्ति की मूल्य कई गुना ज्यादा होगी।

हेमा यादव की संपत्ति जब्त

मिली जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद में जिस संपत्ति को ED ने अटैच किया है उसका ताल्लुक लालू यादव की पांचवी बेटी हेमा यादव से है। कुछ दिन पहले ही हेमा यादव से भी जांच एजेंसियों ने पूछताछ की थी। इस कार्रवाई के बाद संभावना जताई जा रही है कि अब इस केस में हेमा यादव के पति और उनके ससुर से भी पूछताछ की जाएगी।

दूसरी ओर दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित संपत्ति को भी जप्त किया गया है। लालू परिवार की यह प्रॉपर्टी काफी चर्चा में रही। यहां उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का निवास है। बीते 10 मार्च को नौकरी के बदले जमीन केस में लालू यादव से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गयी जिसमें यह ठिकाना भी शामिल था। इनके अलावे पटना के बिहटा, महुआबाद, दानापुर में स्थित संपत्तियों को अटैच किया गया है।

CBI भी जांच कर रही

नौकरी के बदले जमीन घोटाला केस में ED के साथ-साथ CBI भी जांच कर रही है। इस केस में लालू परिवार के कई सदस्यों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसियों ने लालू यादव के अलावे उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव,बेटी मीसा भारती और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की थी।

इस मामले में तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट भी दायर किया जा चुका है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई ने 3 जुलाई को तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। चार्जशीट में तेजस्वी के अलावे अन्य कई लोगों और कंपनियों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल हैं।

मामला जानिए

यह मामला तब का है जब लालू यादव UPA 2 में 2004 से 2009 के बीच में रेल मंत्री थी। उसी दौरान पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे में अवैध तरीके से बहाली की गई। उस नौकरी के लिए रेलवे की ओर कोई नोटिस या वैकेंसी नहीं निकाली गयी थी। सिर्फ चुनिंदा लोगों को इस बारे में बताया गया था कि सीट खाली है, बस आप जमीन दे दो, बाकि कोई प्रक्रिया करने की जरुरत नहीं है। इसके बाद उम्मीदवारों के आवेदनों को बिना पूरे पते के भी स्वीकृति देकर उन्हें नियुक्त कर दिया गया था।

कुल मिलाकर रेल मंत्री रहते लालू यादव ने कथित तौर पर 7 उम्मीदवारों को जमीन के बदले नौकरी दी थी। पहले उन्हें अस्थाई नौकरी दी गई फिर बाद में जब नौकरी पाने वाले के परिजनों ने लालू परिवार के नाम जमीनें लिख दीं तब उनकी नौकरी स्थाई कर दी गई। इनमें से पांच जमीनों की बिक्री हुई थी जिसे कौड़ी के भाव में बेचा गया था, जबकि दो उपहार के तौर पर दे दी गई थीं। इन जमीनों की रजिस्ट्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों के नाम से कर दी गई थी।