23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

JK विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने PoK के लिए आरक्षित की 24 सीटें, जानिए क्यों?

जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश है और धारा 370 खत्म किए जाने के बाद यहां विधानसभा का यहां पहला चुनाव होने जा रहा है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में चुनाव के लिए 30 सितंबर तक तिथि निर्धारित की थी।

2 min read
Google source verification

दुनिया की जन्नत में 10 साल बाद आखिरकार चुनाव कराने का ऐलान कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर को 4 अक्टूबर के दिन उनकी चुनी हुई सरकार मिल सकती है। इस दिन विधानसभा चुनाव के बाद नतीजों का ऐलान होगा। इसके बाद किसकी सरकार बनेगी यह तय होगा। हालांकि इन दस सालों में जम्मू कश्मीर का बहुत कुछ बदल चुका है। जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश है और धारा 370 खत्म किए जाने के बाद यहां विधानसभा का यहां पहला चुनाव होने जा रहा है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में चुनाव के लिए 30 सितंबर तक तिथि निर्धारित की थी।

परिसीमन के बाद 90 सीट

जम्मू कश्मीर में पिछले वर्ष हुए परसीमन के बाद अब यहां 90 विधानसभा सीटें हो गई हैं। पहली बार यहां अनुसूचित जनजाति के लिए 9 सीटें आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए भी सीटों का आरक्षित की गई हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा में 107 सीटें थीं जो अब 114 हो गईं हैं। परिसीमन के बाद जम्मू में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ी हैं।

महिलाओं की बढ़ेंगी संख्या

जम्मू कश्मीर में नए परिसीमन के तहत जम्मू में पहले 37 सीटें थीं और अब यहां 43 विधानसभा सीटें हैं। वहीं कश्मीर में 46 सीटें थी अब यह संख्या बढ़कर 47 हो गई है। पहले विधानसभा में दो मनोनीत सदस्य होते थे अब यह संख्या 5 होगी। विस्थापित कश्मीरियों के लिए भी दो सीटें आरक्षित की गई हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लिए 24 सीटें आरक्षित रहेंगी। जम्मू-कश्मीर का यह इलाका फिलहाल पाकिस्तानी कब्जे में है। इसीलिए इसे पीओके कहते हैं।

पाकिस्तान ने किया है कब्जा

पाकिस्तान ने आजादी के ठीक बाद जम्मू कश्मीर के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उसका यह कब्जा बना हुआ है। 1956 में जब जम्मू कश्मीर का अलग संविधान बनाया था तो पीओके की 24 सीटें जम्मू कश्मीर विधानसभा में निर्धारित कर दी गई थी। यह माना गया है कि एक दिन यह हिस्सा पाकिस्तान से निकलकर भारत में शामिल होगा। 22 फरवरी 1994 को संसद ने सर्वसम्मति से ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर कहा कि पाकिस्तान भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर के इलाकों को खाली करे जिस पर उसने आक्रमण के जरिए कब्जा किया है।