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गर्मी का ‘करंट’: एक महीने पहले ही टूटा बिजली की डिमांड का रिकॉर्ड

Electricity Demand: देश में बढ़ती गर्मी का असर बिजली की डिमांड पर दिखने लगा है। इसी वजह से एक महीने पहले ही बिजली डिमांड का रिकॉर्ड टूट गया है।

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भारत

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Tanay Mishra

Apr 28, 2026

Electricity lines

Electricity lines

देश के कई राज्यों में गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं और इसका असर अब बिजली की डिमांड पर दिखने लगा है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में बिजली की डिमांड 250 गीगावॉट को पार कर गई है। 25 अप्रैल को 256 गीगावॉट तो 26 अप्रैल को 255 गीगावॉट बिजली की डिमांड रही। दिलचस्प बात यह है कि हर दिन पीक समय दोपहर 3 से 4 बजे के बीच रहा, जब तापमान अपने चरम पर होता है और कूलिंग की ज़रूरत सबसे ज़्यादा होती है।

एसी, कलर और पंखों का बढ़ रहा इस्तेमाल

उत्तर और मध्य भारत में कई जगह हीटवेव जैसे हालात बन रहे हैं, जिससे एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया है। शहरी इलाकों में कूलिंग लोड तेज़ी से बढ़ा है। फिलहाल ज़्यादातर हिस्सों में 40 से 46 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया जा रहा है।

और बढ़ सकती है बिजली की डिमांड

सरकारी सूत्रों का कहना है कि मई-जून में बिजली की डिमांड और बढ़ सकती है। सरकार का अनुमान है कि मई-जून तक बिजली की मांग करीब 265 से 270 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। वहीं 2029-30 तक यह मांग 354 गीगावॉट से ज़्यादा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौजूदा बढ़त सिर्फ एक सीज़नल स्पाइक नहीं, बल्कि बदलते कंज़म्पशन पैटर्न का संकेत भी मानी जा रही है।

घटता चला गया डिमांड-सप्लाई का अंतर

देश में बिजली की डिमांड के बढ़ते दबाव के साथ सप्लाई भी बढ़ रही है। इसके चलते डिमांड और सप्लाई का अंतर अब नाममात्र का रह गया है। जहाँ 2022-23 में देश में 215 गीगावॉट बिजली की डिमांड थी, जबकि इसके एवज में 207 गीगावॉट बिजली ही सप्लाई हो सकती थी। ऐसे में करीब 4% बिजली की कमी महसूस की गई। वहीं 2025-26 में बिजली की मांग 245 गीगावॉट तक पहुंची, लेकिन सप्लाई भी 245 गीगावॉट तक हो गई। गौरतलब है कि देश में 532 गीगावॉट बिजली उत्पादन की क्षमता है।