राष्ट्रीय

2024 में बूढ़ा हो जाएगा यूरोप! भारत में भी कम हो जाएंगे बच्चे

Europe will become old: यूरोप के 53 देशों की बुजुर्ग आबादी में तेजी से कमी आ रही है। इनमें मध्य एशिया के भी देश शामिल हैं। भारत में भी हालात अच्छे नहीं है। WHO ने इससे निपटने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं जिन्हें सभी देश के लोगों को पालन करना चाहिए।

3 min read

यूरोप की आबादी में बुजुर्ग लोगों को अनुपात तेजी से बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO) की नई रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले वर्ष तक यूरोप में 65 वर्ष से अधिक लोगों की संख्या 15 वर्ष से कम उम्र के लोगों से अधिक होगी। इसलिए यहां की आबादी को अपनी आदतों और जीवनशैली को इसी के अनुसार समायोजित करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका सबसे बुनियादी बिंदु है बेहतर खान-पान और सेहतमंद आदतें।

रिपोर्ट में खेल और स्वास्थ्य पर डब्ल्यूएचओ की ओर से यूरोप के तकनीकी सलाहकार स्टीफन व्हिटिंग ने कहा है कि यूरोप की सरकारों को बेहतर आदतें विकसित करने के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। व्हिटिंग के अनुसार, अब ये जरूरी है कि सरकारें बुढ़ापे में बेहतर स्वास्थ्य के लिए निवेश बढ़ाना शुरू करें।

पूरी दुनिया में 2064 के बाद आएगी यही समस्या

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बाकी दुनिया जिन चुनौतियों का सामना आज से कई सालों बाद करेगी, यूरोप के दरवाजे पर वो चुनौतियां आज दस्तक दे रही हैं। रिपोर्ट में जुटाए गए आंकड़े बता रहे हैं कि स्थिति गंभीर है। यूरोप आज जिन मुश्किलों का सामना कर रहा है, वो बाकी दुनिया में 2064 से 2084 तक आने की आशंका है।

बच्चों से ज्यादा बुजुर्ग

गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ के यूरोपीय क्षेत्र में 53 देश हैं जिनमें मध्य एशिया के भी कई देश शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इस ट्रेंड का मतलब है नई सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबी जीवन प्रत्याशा के कारण एक तरफ बुजुर्गों की आयु तो बढ़ रही है लेकिन दूसरी ओर बच्चों की पैदाइश घटती भी देखी जा रही है।

आबादी का अनुपात, यह मांग करेगा कि बूढ़ी होती आबादी के असर को कम करने के लिए समाज की बुजुर्ग आबादी लंबे समय तक सेहतमंद बनी रहे। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि बूढ़े लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, स्वतंत्रता, समाजिक बेहतरी और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए सभी तरह के प्रयास किए जाने की जरूरत है।

इस तरह बुजुर्ग हो रहा यूरोप

2022 में यूरोपीय संघ की आबादी का पांचवां हिस्सा (21.1%) से अधिक 65 वर्ष और उससे अधिक आयु का था। यूरोप की जनसंख्या की औसत आयु 1 जनवरी 2022 को 44.4 वर्ष थी। यानी यूरोपीय यूनियन की आधी जनसंख्या की उम्र 44.4 वर्ष या उससे अधिक थी।

हर सप्ताह 150 मिनट व्यायाम

डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों में ऐसी नीतियों की बात की गई है, जिनसे बूढ़े लोगों में खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा बुजुर्गों को हर हफ्ते कम-से-कम 150 मिनट का व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां करने की सलाह दी गई है। जिनसे संतुलन और गतिशीलता बनी रहे। डब्ल्यूएचओ का कहना है, कि अच्छी शारीरिक गतिविधियां सभी कारणों से होने वाली मृत्यु को लगभग 35 फीसदी तक घटा सकती हैं।

जापान में भी बुजुर्ग लोगों की आबादी काफी ज्यादा

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में ही कमोबेस बूढ़े लोगों की बढ़ती संख्या से चिंता बढ़ रही है। जापान पहले ही इसकी चपेट में आ चुका है। वहां 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या इस साल 92 हजार से ऊपर चली गई है। यहां बुजुर्गों की संख्या हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है।

भारत में तीन दशकों के बाद तेजी से बढ़ेंगे बुजुर्ग

भारत अभी युवाओं का देश है, लेकिन करीब तीन दशक बाद यहां भी बुजुर्गों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ेगी। जिन देशों में बुजुर्गों की देखभाल का उचित तंत्र नहीं है, वहां यह समस्या और अधिक गंभीर रूप में सामने आएगी।

ये भी पढ़ें: भारत में पति के उत्पीड़न में कामकाजी महिलाएं आगे, उम्र बढ़ने के साथ पुरुष हो जाते हैं ज्यादा हिंसक- रिसर्च

Published on:
17 Oct 2023 11:07 am
Also Read
View All

अगली खबर