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हर छठा बच्चा हो रहा साइबरबुलिंग का शिकार, पीड़ितों में बच्चियां ज्यादा

Cyberbullying: WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड महामारी ने बच्चों के एक दूसरे के प्रति आचरण में बदलाव ला दिया है। इस दौरान बच्चों में दोस्तों की वर्चुअल हिंसा का तेजी से चलन बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, चार साल की अवधि में स्कूल में भी बुलिंग बढ़ी है।

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Cyberbullying

बच्चों की ऑनलाइन सक्रियता बढ़ने के साथ ही दुनिया भर में बच्चों की साइबरबुलिंग (साइबर उत्पीड़न) के मामले भी बढ़ रहे हैं। बुधवार को जारी डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट, 'स्कूल जाने वाले बच्चों में सेहतमंद आचरण' में दावा किया गया है कि दुनिया के 44 देशों में हर छठवां बच्चा साइबरबुलिंग का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 15 फीसदी बच्चे और 16 फीसदी बच्चियों ने महीने में एक बार साइबरबुलिंग का सामना किया। रिपोर्ट के अनुसार 11 से पन्द्रह साल के 16 फीसदी बच्चे 2022 में साइबरबुलिंग के शिकार हुए, जो कि 2018 की तुलना में 3 फीसदी ज्यादा है।

संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड महामारी ने बच्चों के एक दूसरे के प्रति आचरण में बदलाव ला दिया है। इस दौरान बच्चों में दोस्तों की वर्चुअल हिंसा का तेजी से चलन बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, चार साल की अवधि में स्कूल में भी बुलिंग बढ़ी है। करीब 11 फीसदी बच्चों ने स्कूल में पिछले एक माह में दो से तीन बार बुलिंग की शिकायत की है, जबकि चार साल पहले ऐसी शिकायत करने वाले बच्चों की संख्या 10 फीसदी थी।

छह घंटे ऑनलाइन बिता रहे बच्चे

रिपोर्ट में कहा गया है कि जबकि बच्चे रोजाना 6 घंटे ऑनलाइन बिता रहे हैं, ऐसे में साइबर बुलिंग और हिंसा में छोटा सी भी बढ़ोतरी बच्चों पर बढ़ा असर डाल सकती है। रिपोर्ट में 44 देशों के 2 लाख 79 हजार बच्चों पर किए अध्ययन में सबसे अधिक साइबरबुलिंग बुल्गारिया में दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि माता-पिता की सामाजिक स्थिति का बच्चों के साइबर बुलिंग आचरण पर कोई खास असर नहीं देखा गया।

पीड़ितों में आते हैं आत्महत्या के विचार

अध्ययनों में पाया गया है कि साइबर बुलिंग की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह प्रायः माता-पिता और शिक्षकों को भी नजर नहीं आता। अमरीका नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक अध्ययन में यह पाया गया था कि साइबुलिंग के शिकार बच्चों-किशोरों में आत्महत्या का विचार करने की प्रवृत्ति चार गुना बढ़ जाती है।

साइबरबुलिंग के प्रकार

अपमानजनक नाम रखना या संबोधित करना

झूठी और नकारात्मक खबर फैलाना

अवांछित तस्वीरें भेजना या मिलना

निजी जानकारी और तस्वीरों को फैलाना

बढ़ रहे साइबर बुलिंग के मामले

वर्ष साइबरबुलिंग उत्पीड़न से पीड़ित

बच्चे बच्चियां

2018 12 13

2022 15 16