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Human Evolution Study: इंसानों के पूर्वजों के शारीरिक विकास को लेकर एक नए अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शोधकर्ताओं के अनुसार, करीब 20 लाख साल पहले हमारे पूर्वजों के शरीर के आकार में अचानक बड़ा बदलाव आया था। इस दौरान उनका औसत वजन लगभग 40 किलो से बढ़कर 60 किलो हो गया था, जो आज के कई लोगों के वजन के बराबर है। शरीर का यह बढ़ा हुआ आकार उन्हें लंबी दूरी तक यात्रा करने, नए इलाकों में बसने और ज्यादा विविध भोजन अपनाने में मददगार साबित हुआ। ये निष्कर्ष उस पारंपरिक धारणा को चुनौती देते हैं कि मानव विकास के दौरान शरीर का आकार पूरे वंशक्रम में धीरे-धीरे बढ़ता गया था।
अध्ययन के लिए रीडिंग विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 21 अलग-अलग होमिनिन प्रजातियों (मानव पूर्वजों की प्रजातियां) के 386 जीवाश्मों का विश्लेषण किया। सांख्यिकीय मॉडलों की मदद से लाखों वर्षों के दौरान शरीर के आकार में आए बदलावों का अध्ययन किया। विश्लेषण से पता चला कि शुरुआती मानव प्रजातियों का वजन समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन लगभग 20 लाख वर्ष पहले होमो इरेक्टस के उद्भव के साथ इसमें अचानक बड़ी छलांग आई।
होमो इरेक्टस मानव विकास की वह महत्वपूर्ण प्रजाति थी, जिसे आज के इंसानों की तरह पूरी तरह दो पैरों पर सीधा चलने वाली पहली मानव प्रजाति माना जाता है। यह विशेषता इसे पहले के होमिनिनों से अलग बनाती है। शुरुआत में होमो इरेक्टस अफ्रीका में रहता था, लेकिन समय के साथ इसका विस्तार एशिया के बड़े हिस्सों और यूरोप के किनारों तक हो गया। इसे मानव इतिहास की एक बड़ी घटना माना जाता है, क्योंकि यह पहली बार था जब कोई होमिनिन अफ्रीका से बाहर निकला और दूसरे महाद्वीपों तक पहुंचा।
होमो इरेक्टस शारीरिक रूप से भी अपने पूर्ववर्ती होमिनिनों की तुलना में अधिक विकसित था। उसका कद अपेक्षाकृत लंबा था और उसके पैर भी लंबे थे। लंबे पैरों और सीधे चलने की क्षमता के कारण वह लंबी दूरी तक अधिक आसानी और कुशलता से चल सकता था। यही वजह है कि उसे मानव विकास की यात्रा में एक अहम कड़ी माना जाता है, जिसने आगे आने वाली मानव प्रजातियों के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Updated on:
24 Jun 2026 05:27 am
Published on:
24 Jun 2026 05:27 am
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