
BRICS एनएसए बैठक(फोटो-X/@PBSHABD)
America-Iran War: ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक में भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत इस समझौते को लेकर 'सतर्क आशावाद' रखता है और उम्मीद करता है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थिरता मजबूत होगी। डोभाल ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, इस मार्ग के सुचारु रूप से खुलने से तेल और गैस की आपूर्ति बेहतर होगी तथा वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही बाधाएं कम होंगी। उर्वरक और रसायन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
ब्रिक्स देशों के एनएसए की बैठक के दौरान ईरान और यूएई के बीच तनाव नजर आया। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस हुई थी। वहीं मंगलवार को ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी डॉ.गदीर निजामीपुर ने यूएई पर आरोप लगाया कि वह ईरान के विरुद्ध हमलों में शामिल था। पूरी दुनिया ने देखा कि संकट की शुरुआत अमरीका और इजरायल ने की थी। इन हमलों की निंदा करने की बजाय यूएई ने सीधे तौर पर इनमें हिस्सा लिया और अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए करने दिया। निजामीपुर ने मिनाब के स्कूल में मारी गई छात्राओं की तस्वीर भी दिखाई।
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल युद्ध के बाद शांति के लिए तेहरान के सम्मान को निर्णायक बताया है। ओवल आफिस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने होर्मुज खुलने से तेल उत्पादन बढने की उम्मीद जताई। वहीं ईरान के उप विदेशमंत्री ने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में अमरीका के साथ तकनीकी बातचीत सफलतापूर्वक खत्म हो गई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल परमाणु स्थलों के निरीक्षण के लिए यूएन के निरीक्षकों के आने का कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। परमाणु साइटों को लेकर कोई नया वादा नहीं किया गया है।
अमरीकी विदेशमंत्री मार्को रूबियो कुवैत, बहरीन और यूएई की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस बीच ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के पैकेट को लेकर खाड़ी देशों ने चिंता जताई है। क्योंकि समझौते में कहा गया है कि अमरीका क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर यह रकम देगा।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अंतिम समझौते के लिए वार्ता तभी सफल हो सकती है जब सभी पक्ष अपनी तय जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक टिप्पणियां माहौल को बेहतर बनाने की बजाय बातचीत को कमजोर कर सकती हैं। वहीं अमरीका के ईरानी तेल के उत्पादन और बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में छूट के बाद अब 12 अरब डॉलर का फ्रीज फंड भी जारी किया जा सकता है। ईरानी वार्ताकारों के अनुसार वह इस फंड का उपयोग अपनी इच्छानुसार और स्वतंत्र रूप से करेंगे।
Updated on:
24 Jun 2026 04:44 am
Published on:
24 Jun 2026 04:43 am
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